पीटीआई, दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 11 Jun 2021 12:38 AM IST

सार

आईएमडी ने कहा कि भारत में इस बार मई में औसत अधिकतम तापमान 34.18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो 1901 के बाद चौथा सबसे कम तापमान था।

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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार को अपनी मासिक रिपोर्ट में कहा कि इस साल मई माह सर्वाधिक बारिश के मामले में पिछले 121 साल में दूसरे नंबर पर रहा। इसकी वजह लगातार आए दो चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ है।

आईएमडी ने यह भी कहा कि भारत में इस बार मई में औसत अधिकतम तापमान 34.18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो 1901 के बाद चौथा सबसे कम तापमान था। यह 1977 के बाद सबसे कम है जब अधिकतम तापमान 33.84 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।

उसने कहा कि मई में अबतक सबसे कम पारा 1917 में 32.68 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। उसने बताया कि भारत के किसी भी हिस्से में मई में लू नहीं चली। पूरे देश में मई 2021 में 107.9 मिमी बारिश हुई है जो औसत 62 मिमी वर्षा से ज्यादा है। इससे पहले 1990 में सर्वाधिक बारिश (110.7 मिमी) हुई थी।

मई में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में चक्रवात आए। अरब सागर में चक्रवात ताउते आया तो बंगाल की खाड़ी में चक्रवात यास आया। आईएमडी ने कहा कि 2021 की गर्मियों के तीनों महीनों में उत्तर भारत के ऊपर पश्चिम विक्षोभ की गतिविधियां सामान्य से ज्यादा रही।

विस्तार

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार को अपनी मासिक रिपोर्ट में कहा कि इस साल मई माह सर्वाधिक बारिश के मामले में पिछले 121 साल में दूसरे नंबर पर रहा। इसकी वजह लगातार आए दो चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ है।

आईएमडी ने यह भी कहा कि भारत में इस बार मई में औसत अधिकतम तापमान 34.18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो 1901 के बाद चौथा सबसे कम तापमान था। यह 1977 के बाद सबसे कम है जब अधिकतम तापमान 33.84 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।

उसने कहा कि मई में अबतक सबसे कम पारा 1917 में 32.68 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। उसने बताया कि भारत के किसी भी हिस्से में मई में लू नहीं चली। पूरे देश में मई 2021 में 107.9 मिमी बारिश हुई है जो औसत 62 मिमी वर्षा से ज्यादा है। इससे पहले 1990 में सर्वाधिक बारिश (110.7 मिमी) हुई थी।

मई में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में चक्रवात आए। अरब सागर में चक्रवात ताउते आया तो बंगाल की खाड़ी में चक्रवात यास आया। आईएमडी ने कहा कि 2021 की गर्मियों के तीनों महीनों में उत्तर भारत के ऊपर पश्चिम विक्षोभ की गतिविधियां सामान्य से ज्यादा रही।

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