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Monday, October 18, 2021
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कुलभूषण जाधव केस: PAK अटॉर्नी जनरल बोले- जाधव से किसी भारतीय को अकेले में नहीं मिलने देंगे; हाईकोर्ट ने वकील नियुक्त करने की मियाद बढ़ाई


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इस्लामाबाद3 दिन पहले

इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के लिए स्थानीय वकील नियुक्त करने की समय सीमा बढ़ा दी है। मंगलवार को इस केस की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाकिस्तान सरकार के वकील से कहा- भारत से संपर्क कीजिए। उनसे कहिए कि हम जाधव के लिए वकील नियुक्त करने के लिए उन्हें और मोहलत दे रहे हैं। हालांकि, हाईकोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने यह नहीं बताया कि यह वक्त कितना होगा।

पहले जाधव केस को समझिए
पाकिस्तान का दावा है कि जाधव RAW के एजेंट हैं और उन्हें बलूचिस्तान से 2016 में गिरफ्तार किया गया था। वहीं, भारत कहता है कि जाधव इंडियन नेवी के रिटायर्ड अफसर हैं। वे कारोबार के सिलसिले में ईरान गए थे। वहां से उन्हें ISI ने अगवा किया था।

पाक मिलिट्री कोर्ट ने 2017 में जाधव को सजा-ए-मौत का फैसला सुनाया था। भारत ने इसे इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस यानी ICJ में चैलेंज किया। तब से यह मामला पेंडिंग है। 2019 में ICJ ने सजा पर रोक लगा दी थी। साथ ही पाकिस्तान से कहा था कि वो भारत को जाधव से मिलने के लिए काउंसलर एक्सेस दे। केस को रिव्यू करे।

सुनवाई में क्या हुआ
पाकिस्तान सरकार की तरफ से अटॉर्नी जनरल खालिद जावेद खान इस्लामाबाद कोर्ट में पेश हुए। कहा- हमने 5 मई को एक ऑर्डर जारी कर अपने अफसरों से कहा था कि वे जाधव के लिए वकील नियुक्त करने के संबंध में भारत से संपर्क करें। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने भारत तक यह संदेश पहुंचा दिया, लेकिन भारत ने अब तक जाधव के लिए वकील नियुक्त करने के बारे में न तो कोई जानकारी दी और न कदम उठाया।

यह फोटो 2017 की है, तब गिरफ्तारी के 21 महीने बाद पाकिस्तान ने कुलभूषण की मां और पत्नी को उनसे मिलने की इजाजत दी थी। – फाइल

जाधव को किसी से अकेले में नहीं मिलने देंगे
खालिद ने हाईकोर्ट की बेंच से कहा- भारत काउंसलर एक्सेस चाहता है। वो चाहते हैं कि उनके अधिकारी जाधव से अलग कमरे में और अकेले में मुलाकात करें। हम इसकी मंजूरी नहीं दे सकते। हम उसे (जाधव को) किसी भारतीय से अकेले में मिलने देने का जोखिम नहीं ले सकते। वो सिर्फ हाथ मिलाकर भी जाधव को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हमने ICJ के रिव्यू आदेश का पालन किया है। भारत पीछे हट रहा है।

लेकिन, सच्चाई भी जान लीजिए
खालिद हाईकोर्ट को गुमराह कर रहे हैं। दरअसल, पाकिस्तान चाहता है कि जाधव के लिए भारत कोई ऐसा वकील चुने जो पाकिस्तानी हो। जाहिर है, वो पाकिस्तान की कठपुतली की तरह ही पैरवी करेगा और इससे कुलभूषण की मुश्किलों में इजाफा होगा। भारत ने पाकिस्तान की इसी चाल को नाकाम करने के लिए अब तक वकील नियुक्त नहीं किया। भारत की मांग है कि जाधव के लिए किसी गैर पाकिस्तानी को वकील नियुक्त करने की मंजूरी मिले। ये मामला इसलिए फंसा क्योंकि ICJ के आदेश में जाधव के लिए नियुक्त किए जाने वाले वकील की राष्ट्रीयता को लेकर तस्वीर साफ नहीं थी।

सुनवाई फिर टली
तीन सदस्यीय बेंच में शामिल जस्टिस मिनल्लाह खान ने कहा- भारत को एक मौका और दिया जाए ताकि वो जाधव के लिए नया वकील अपॉइंट कर सके। इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा- भारत तो किसी बाहरी (गैर पाकिस्तानी) को वकील नियुक्त करने की मांग कर रहा है। इस पर जस्टिस खान ने फिर कहा- एक मौका और दीजिए। हम उनकी आपत्तियां भी सुनना चाहते हैं। इंडियन एम्बेसी के जरिए भारत सरकार से संपर्क कीजिए।

इसके बाद बेंच ने सुनवाई अगले आदेश तक के लिए टाल दी।

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