क्वांटिटी नहीं जरूरी है क्वालिटी टाइम: इंडियन पेरेंट्स बच्चों का होमवर्क कराने में ले रहे दुनिया में सबसे ज्यादा समय, जानिए बच्चों को एक दिन में कितना वक्त दिया जाना चाहिए

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3 दिन पहलेलेखक: राधा तिवारी

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  • आज के पेरेंट्स 50 साल पहले के पेरेंट्स की तुलना में बच्चों के साथ कहीं ज्यादा टाइम बिता रहे हैं.
  • इंडियन पेरेंट्स अपने बच्चों के उनका होमवर्क कराने में दुनिया में सबसे ज्यादा समय बिता रहे हैं.

ड्रग्स मामले में गिरफ्तार बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की कस्टडी में हैं। NCB की पूछताछ में आर्यन खान ने चौंकाने वाला खुलासा किया। आर्यन ने बताया कि उसे अपने पिता के बिजी शेड्यूल के कारण उनसे मिलने के लिए अपॉइंटमेंट लेना पड़ता है।जर्नल ऑफ मैरिज एंड फैमिली की एक रिपोर्ट में कहा गया कि 50 साल पहले की तुलना में पेरेंट्स अब अपने बच्चों के साथ दोगुना समय बिताते हैं। 1965 में पेरेंट्स अपने बच्चों के साथ प्रतिदिन लगभग 52 मिनट बिताते थे, और अब पेरेंट्स बच्चों के साथ लगभग 104 मिनट बिताते हैं। इसका मतलब है कि वास्तव में पिछली पीढ़ियों की तुलना में माता-पिता अपने बच्चे के साथ ज्यादा समय बिता रहे हैं।

क्वांटिटी से ज्यादा जरूरी क्वालिटी

बचपन में मां का साथ जरूरी

बचपन में मां का साथ जरूरी

जर्नल ऑफ मैरिज एंड फैमिली में हाल में किए गए एक स्टडी में बताया गया कि मां अपने बच्चों के साथ जितना समय बिताती हैं, इसका उनके बच्चों के एजुकेशन, बिहेवियर और इमोशन पर असर दिखता है। स्टडी में यह भी कहा गया कि जो मां तनाव में रहते हुए अपने बच्चों के साथ रहती हैं, इससे बच्चों पर बुरा असर होता है. क्योंकि मां उस समय किसी कारण परेशान होती हैं और वह बच्चों पर पूरा ध्यान नहीं दे पाती. कोई मां अपने बच्चे के साथ कितना क्वालिटी टाइम बिता रही हैं ये मायने रखता है ना कि क्वांटिटी.

ग्लोबल एजुकेशन सर्वे की रिपोर्ट

बच्चों को होमवर्क कराने में हर सप्ताह 7 घंटे से अधिक समय

बच्चों को होमवर्क कराने में हर सप्ताह 7 घंटे से अधिक समय

यूके में एक ग्लोबल एजुकेशन सर्वे ने खुलासा किया कि 95 प्रतिशत भारतीय माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई में मदद करते हैं। वे इसके लिए कुछ देशों के मुकाबले ज्यादा समय भी लगाते हैं. लगभग 62% भारतीय माता-पिता अपने बच्चों को होमवर्क कराने में हर सप्ताह 7 घंटे से अधिक समय लगाते हैं। इसके विपरीत, फ़िनलैंड, फ़्रांस, जापान और यूके जैसे डेवलप देशों में माता-पिता अपने बच्चों की मदद करने में बहुत कम समय लगाते हैं, उन देशों में बच्चों की पढ़ाई बच्चों के उनका होमवर्क कराने में लगभग हर सप्ताह 5 घंटा या इससे कम लगता है.

पेरेंट्स की राय

यूपी की रहने वाली कामिनी तिवारी का कहना है कि वर्किंग पैरेंट्स के पास अपने बच्चे के लिए कम ही समय होता है, मगर यह बच्चों की अच्छी परवरिश के लिए बहुत जरूरी है कि पेरेंट्स उनके साथ समय बिताएं. हम जो भी कर रहें हैं बच्चों के लिए कर रहे हैं. हमें दिन में बच्चों के लिए समय नहीं होता तो साथ डिनर के बाद कुछ वक्त साथ बिताते हैं. ऑफिस में काम करते हुए वक्त निकालकर उनसे बात करते हैं, उनसे उनके होमवर्क करने को कहते हैं. साथ यह भी कहते हैं कि खाना खाया है कि नहीं. क्योंकि आजकल न्यूक्लियर फैमिली का चलन है , अगर हम उन्हें ये सब नहीं कहेंगे तो उनके दादा- दादी भी घर पर नहीं हैं ये सब कहने को.

क्या कहते हैं साइकोलोजिस्ट

क्लिनिकल साइकोलोजिस्ट बिंदा सिंह का कहना है कि पैरेंट्स को यह समझना होगा कि बच्चों की हर डिमांड पूरा करना अपनी ज़िम्मेदारी को पूरा कर देना नहीं है. सबसे ज़रूरी होता है बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताना. आप अपने बच्चों के साथ जितना अधिक समय बिताएंगे, उतना आप उनके क़रीब आएंगे. पेरेंट्स बच्चों को उनकी पसंद की चीजें सीखने दें. उन पर बेवजह का दबाव न डालें. उनकी पसंद, शौक़ और भावनाओं को समझने की कोशिश करें और उन्हें ज्यादा समय दें. बच्चों के साथ दोस्ताना रवैया रखें. ऐसे में बच्चे अपनी हर बात आपसे शेयर करेंगे. आपका इस तरह का व्यवहार उन्हें जिद्दी और चिड़चिड़ा होने से बचाएगा..

बच्चों के साथ अधिक क्वालिटी समय बिताने के कुछ आसान तरीके

1. मोबाइल फोन को दूर रखें- बच्चों के साथ रहने पर आप मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें या फिर बहुत ज़रूरी हो, बच्चों से उनके दिनभर की एक्टिविटीज़ के बारे में पूछे.

मोबाइल फोन को दूर रखें

मोबाइल फोन को दूर रखें

2. घर की बजाय बच्चों पर अधिक ध्यान दें- अक्सर हम घर की साफ़-सफ़ाई पर बेवजह का अधिक समय ख़र्च कर देते हैं, ऐसा न करें. आप मेड भी रख सकती हैं. इसके अलावा पति-पत्नी आपस में काम बांट सकते हैं. इस तरह वे बच्चों के साथ अधिक समय बिता सकेंगे.

घर की बजाय बच्चों दें ध्यान

घर की बजाय बच्चों दें ध्यान

3. बच्चों के साथ मिलकर काम करें- ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों से कोई भी काम नहीं करवाते. वे खाना बनाने से लेकर साफ़-सफ़ाई करने, पौधों को पानी देने आदि छोटे-मोटे काम करते समय बच्चों की मदद ले सकते हैं. इस तरह भी आप बच्चों के साथ ज्यादा समय बिता सकेंगे.

बच्चों को सिखाएं बागवानी

बच्चों को सिखाएं बागवानी

4. ऑफिस के बाद बच्चों का साथ- पैरेंट्स ऑफिस से आने के बाद तुरंत बाद टीवी पर सीरियल, न्यूज़, में बिज़ी न हो जाते हैं, ऐसा न करें.

5. वीकेंड बच्चों की चॉइस- हर हफ़्ते शनिवार की शाम या रात बच्चों के पसंद से उन्हें घुमाने ले जाए. आप उन्हें डिनर करने या पिकनिक के लिए लेकर जा सकते हैं. इससे बच्चों के साथ आपकी बॉन्डिंग भी मज़बूत होगी और सभी एनर्जेटिक भी महसूस करेंगे.

वीकेंड पर करें पिकनिक का प्लान

वीकेंड पर करें पिकनिक का प्लान

6. बच्चों के साथ करें एक्सरसाइज़- अपने मॉर्निंग वॉक, जिम, योग में बच्चों को भी इसमें शामिल करें. इससे फैमिली की फिटनेस और क्रिएटिविटी बढ़ेगी और पैरेंट्स-बच्चों का रिश्ता भी बेहतर होगा.

बच्चों के साथ करें एक्सरसाइज

बच्चों के साथ करें एक्सरसाइज

7. कभी बच्चों के साथ बच्चे बन जाएं- बच्चों के साथ हर वो काम करें, जो उन्हें पसंद हैं, फिर चाहे वो खिलौनों से खेलना हो, ड्राइंग करना, क्राफ्ट, मिट्टी से घर बनाना हो, साइकिलिंग करना या वीडियो गेम खेलना.

बच्चों के साथ बिताएं उनका फेवरेट टाइम

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