स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 07 Jun 2021 03:04 AM IST

सार

न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले इंग्लैंड के 27 वर्षीय तेज गेंदबाज ने 2012 से 2014 तक लिंगभेद और नस्लवाद पर कई ट्वीट किए थे, हालांकि इसके बाद उन्होंने माफी मांग ली थी, लेकिन अब उन्हें जांच से गुजरना होगा

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इंग्लैंड-न्यूजीलैंड के बीच चल रही टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले 27 वर्षीय तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन को अब अपने किए गए ट्वीट को लेकर जांच से गुजरना होगा। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने कहा है कि ओली रॉबिन्सन के द्वारा 2012 और 2013 में किए गए ट्वीट की जांच की जाएगी और उसके परिणाम आने तक उन्हें सभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से निलंबित कर दिया गया है।

ओली रॉबिन्सन 2012 से 2014 तक लिंगभेद और नस्लवाद से जुड़े अपने कई ट्वीट किए थे। हालांकि उन्होंने माफी मांग ली लेकिन सोशल मीडिया पर इस मामले ने तूल पकड़ा और रॉबिन्सन को टीम में शामिल किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर ये ट्वीट चर्चा का विषय बन गए।

रॉबिन्सन ने कहा, ‘मुझे अपने कृत्यों पर बेहद खेद है और मैं इस तरह की टिप्पणियां करने पर शर्मसार हूं।’ उन्होंने पहले आधिकारिक प्रसारक और फिर अन्य मीडिया के लिए यह बयान पढ़ा। इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘मैं तब विचारशून्य और गैर जिम्मेदार था और तब मेरी मनोदशा जैसी भी रही हो, मेरा काम माफी योग्य नहीं था।’

रॉबिन्सन ने कहा कि उन्होंने ये ट्वीट तब किए थे जब वह अपनी जिंदगी के बुरे दौर से गुजर रहे थे क्योंकि इंग्लिश काउंटी यार्कशर ने उन्हें किशोरावस्था में बाहर कर दिया था। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘मैं नहीं जानता कि ये ट्वीट अब भी मौजूद है। मैं हर किसी से माफी मांगना चाहता हूं। मुझे इस पर बहुत खेद है।’

इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के मुख्य कार्यकारी टॉम हैरिसन ने कहा कि उनके पास यह, ‘बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं कि मैं इससे कितना निराश हूं कि इंग्लैंड के एक क्रिकेटर ने इस तरह के ट्वीट किए थे।’ उन्होंने कहा, ‘कोई भी व्यक्ति विशेषकर महिला या अश्वेत व्यक्ति इन शब्दों को पढ़ने के बाद क्रिकेट और क्रिकेटरों के लिए जो छवि अपने दिमाग में बनाएगा वह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।’

रॉबिन्सन ने कहा, ‘मैं नहीं चाहता कि आठ साल पहले जो कुछ हुआ उससे मेरे साथियों और ईसीबी के प्रयासों को कम करके आंका जाए क्योंकि उसने व्यापक पहल आौर प्रयासों के साथ सार्थक कार्रवाई जारी रखी है जिसका मैं पूर्ण समर्थन करता हूं।’

विस्तार

इंग्लैंड-न्यूजीलैंड के बीच चल रही टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले 27 वर्षीय तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन को अब अपने किए गए ट्वीट को लेकर जांच से गुजरना होगा। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने कहा है कि ओली रॉबिन्सन के द्वारा 2012 और 2013 में किए गए ट्वीट की जांच की जाएगी और उसके परिणाम आने तक उन्हें सभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से निलंबित कर दिया गया है।

ओली रॉबिन्सन 2012 से 2014 तक लिंगभेद और नस्लवाद से जुड़े अपने कई ट्वीट किए थे। हालांकि उन्होंने माफी मांग ली लेकिन सोशल मीडिया पर इस मामले ने तूल पकड़ा और रॉबिन्सन को टीम में शामिल किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर ये ट्वीट चर्चा का विषय बन गए।

रॉबिन्सन ने कहा, ‘मुझे अपने कृत्यों पर बेहद खेद है और मैं इस तरह की टिप्पणियां करने पर शर्मसार हूं।’ उन्होंने पहले आधिकारिक प्रसारक और फिर अन्य मीडिया के लिए यह बयान पढ़ा। इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘मैं तब विचारशून्य और गैर जिम्मेदार था और तब मेरी मनोदशा जैसी भी रही हो, मेरा काम माफी योग्य नहीं था।’

रॉबिन्सन ने कहा कि उन्होंने ये ट्वीट तब किए थे जब वह अपनी जिंदगी के बुरे दौर से गुजर रहे थे क्योंकि इंग्लिश काउंटी यार्कशर ने उन्हें किशोरावस्था में बाहर कर दिया था। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘मैं नहीं जानता कि ये ट्वीट अब भी मौजूद है। मैं हर किसी से माफी मांगना चाहता हूं। मुझे इस पर बहुत खेद है।’

इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के मुख्य कार्यकारी टॉम हैरिसन ने कहा कि उनके पास यह, ‘बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं कि मैं इससे कितना निराश हूं कि इंग्लैंड के एक क्रिकेटर ने इस तरह के ट्वीट किए थे।’ उन्होंने कहा, ‘कोई भी व्यक्ति विशेषकर महिला या अश्वेत व्यक्ति इन शब्दों को पढ़ने के बाद क्रिकेट और क्रिकेटरों के लिए जो छवि अपने दिमाग में बनाएगा वह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।’

रॉबिन्सन ने कहा, ‘मैं नहीं चाहता कि आठ साल पहले जो कुछ हुआ उससे मेरे साथियों और ईसीबी के प्रयासों को कम करके आंका जाए क्योंकि उसने व्यापक पहल आौर प्रयासों के साथ सार्थक कार्रवाई जारी रखी है जिसका मैं पूर्ण समर्थन करता हूं।’

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