तालिबान से भारी पड़ी यारी: ISI चीफ फैज हमीद की छुट्टी, इमरान के चहेते थे; US और आर्मी चीफ बाजवा बिफरे हुए थे

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इस्लामाबाद3 दिन पहले

अफगानिस्तान में तालिबान की जबरिया हुकूमत बनवाने में मदद करने वाले पाकिस्तान के इंटेलिजेंस चीफ जनरल फैज हमीद को पद से हटा दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंटर सर्विस इंटेलिजेंस यानी ISI चीफ फैज पिछले महीने आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा से मंजूरी लिए बगैर काबुल गए थे। वहां तालिबान नेताओं के साथ सेरेना होटल में टी-पार्टी अटैंड की थी। आरोप है कि उन्होंने वहां तालिबान की हुकूमत कायम करने में मदद की थी।

जनरल फैज इमरान खान की पसंद थे और अगले साल आर्मी चीफ बनने वाले थे। बताया जाता है कि उनकी काबुल यात्रा से जनरल बाजवा के अलावा अमेरिका भी काफी नाराज था। जनरल नदीम अंजुम ISI के नए चीफ होंगे।

तनातनी की खबरें लंबे वक्त से थीं
जनरल हमीद को हटाए जाने की खबरें लंबे वक्त से चल रही थीं, लेकिन आर्मी की दबदबे के चलते पाकिस्तान का मेन मीडिया इन खबरों को दबा रहा था। हमीद को पेशावर कॉर्प्स कमांडर का चीफ बनाकर भेजा गया है। आर्मी चीफ ने टॉप लेवल पर कुछ और फेरबदल भी किए हैं।

ये भी सही है कि जनरल हमीद और बाजवा के बीच तनातनी की खबरें काफी पहले से चल रही हैं। माना जा रहा है कि तीन साल पहले रावलपिंडी में आर्मी के एक हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर दोनों के बीच मतभेद शुरू हुए थे। बाद में जब इमरान ने बाजवा को तीन साल का एक्सटेंशन दिया तो यह रस्साकशी खुलकर मुल्क के सामने आ गई। फैज कई बार बाजवा को भरोसे में लिए बगैर फैसले करने लगे थे।

इमरान को करना था फैसला, लेकिन…
DG ISI की नियुक्ति का विशेषाधिकार प्रधानमंत्री के पास होता है, यानी इमरान ने ही फैज को DG ISI बनाया था और उन्होंने ही हटा दिया। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री आर्मी चीफ की सलाह पर यह फैसला लेता है। लिहाजा, यह कहा जा सकता है बाजवा की सलाह पर ही जनरल हमीद को हटाया गया। हालांकि, इमरान फैज को हटाने के पक्ष में नहीं थे।

पाकिस्तान के कुछ जर्नलिस्ट्स का मानना है कि इस मामले अमेरिकी एंगल भी है। दरअसल, फैज के काबुल दौरे और तालिबान नेताओं से मुलाकात बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन को नागवार गुजरी। व्हाइट हाउस को ऐसा लग रहा था जैसे जनरल फैज तालिबान नेताओं के साथ मिलकर अफगानिस्तान में अमेरिकी शिकस्त का जश्न मना रहे हैं।

कैसे फंसे हमीद

तालिबान ने 15 अगस्त को काबुल के साथ ही करीब-करीब पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। दुनिया को पहले ही शक था कि पाकिस्तान फौज और ISI तालिबान की पूरी मदद कर रही है। सितंबर की शुरुआत में जनरल फैज हमीद चुपचाप काबुल पहुंचे। यहां एक ही फाइव स्टार होटल है। इसका नाम सेरेना होटल है। यहां वे तालिबान के आला नेताओं के साथ हाथ में चाय का प्याला लेकर कहकहे लगा रहे थे। संयोग से इसी होटल में ब्रिटेन की एक महिला जर्नलिस्ट मौजूद थी। उसने न सिर्फ फैज के फोटो लिए, बल्कि कुछ सवाल भी किए। इसके जवाब में फैज ने सिर्फ इतना कहा- ऑल इज वेल।

बस यहीं से यह खबर आग की तरह फैल गई। बाजवा और अमेरिका हमीद पर बिफर गए। इमरान पर उन्हें हटाने का दबाव बढ़ता चला गया।

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