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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 11 Jun 2021 02:34 PM IST

सार

कमेटी के सदस्य और पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि रिपोर्ट सौंप दी गई है। इसे पंजाब के सभी कांग्रेस नेताओं से बातचीत कर उनकी राय के आधार पर तैयार किया गया है। 

पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़।
– फोटो : ANI

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पंजाब कांग्रेस का विवाद सुलझाने के लिए गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंप दी। रिपोर्ट में कमेटी ने क्या सिफारिश की हैं, उसका खुलासा नहीं हो पाया है। हालांकि ये अंदाजा लगाया जा रहा है कि पार्टी नाराज विधायकों को मनाने के लिए प्रदेश प्रधान को बदल सकती है और यह पद नवजोत सिद्धू को दिया जा सकता है। अब इस पर प्रदेश पार्टी  प्रधान सुनील जाखड़ ने प्रतिक्रिया दी है। 
 

जाखड़ ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस पूरी ताकत से विधानसभा चुनाव लड़ेगी। मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि अगर किसी और को पीसीसी प्रमुख नियुक्त करने से कांग्रेस पार्टी को मजबूती मिलती है, तो इसे किया जाना चाहिए और मुझे हटा दिया जाना चाहिए। 

इससे पहले गुरुवार सुबह दिल्ली में तीन सदस्यीय कमेटी की बैठक हुई और उसके बाद कमेटी की रिपोर्ट को हाईकमान को सौंपने का फैसला लिया गया। इस संबंध में कमेटी के सदस्य और पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि रिपोर्ट सौंप दी गई है। इसे पंजाब के सभी कांग्रेस नेताओं से बातचीत कर उनकी राय के आधार पर तैयार किया गया है। 

जानकारी के अनुसार, हाईकमान ने पंजाब मंत्रिमंडल में फेरबदल और पंजाब कांग्रेस संगठन के पुनर्गठन में नाराज नेताओं को सम्मानजनक स्थान देने का मन बना लिया है। ऐसे में नवजोत सिंह सिद्ध् को कैप्टन मंत्रिमंडल में मंत्री पद की पेशकश हो सकती है। हालांकि सिद्धू ने 2019 में मंत्री पद ठुकराते हुए कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।

इस बार भी सिद्धू अगर नहीं माने तो उन्हें प्रदेश संगठन की कमान सौंपने के कयास लगाए जाने लगे हैं। इसके साथ ही हाईकमान ने पंजाब के सीनियर नेताओं को भी पार्टी में तरजीह देने का मन बना लिया है ताकि चुनाव में सीनियर नेताओं की जनता के बीच बनी साख का फायदा उठाया जा सके। 
 

विस्तार

पंजाब कांग्रेस का विवाद सुलझाने के लिए गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंप दी। रिपोर्ट में कमेटी ने क्या सिफारिश की हैं, उसका खुलासा नहीं हो पाया है। हालांकि ये अंदाजा लगाया जा रहा है कि पार्टी नाराज विधायकों को मनाने के लिए प्रदेश प्रधान को बदल सकती है और यह पद नवजोत सिद्धू को दिया जा सकता है। अब इस पर प्रदेश पार्टी  प्रधान सुनील जाखड़ ने प्रतिक्रिया दी है। 

 

जाखड़ ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस पूरी ताकत से विधानसभा चुनाव लड़ेगी। मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि अगर किसी और को पीसीसी प्रमुख नियुक्त करने से कांग्रेस पार्टी को मजबूती मिलती है, तो इसे किया जाना चाहिए और मुझे हटा दिया जाना चाहिए। 

इससे पहले गुरुवार सुबह दिल्ली में तीन सदस्यीय कमेटी की बैठक हुई और उसके बाद कमेटी की रिपोर्ट को हाईकमान को सौंपने का फैसला लिया गया। इस संबंध में कमेटी के सदस्य और पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि रिपोर्ट सौंप दी गई है। इसे पंजाब के सभी कांग्रेस नेताओं से बातचीत कर उनकी राय के आधार पर तैयार किया गया है। 

जानकारी के अनुसार, हाईकमान ने पंजाब मंत्रिमंडल में फेरबदल और पंजाब कांग्रेस संगठन के पुनर्गठन में नाराज नेताओं को सम्मानजनक स्थान देने का मन बना लिया है। ऐसे में नवजोत सिंह सिद्ध् को कैप्टन मंत्रिमंडल में मंत्री पद की पेशकश हो सकती है। हालांकि सिद्धू ने 2019 में मंत्री पद ठुकराते हुए कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।

इस बार भी सिद्धू अगर नहीं माने तो उन्हें प्रदेश संगठन की कमान सौंपने के कयास लगाए जाने लगे हैं। इसके साथ ही हाईकमान ने पंजाब के सीनियर नेताओं को भी पार्टी में तरजीह देने का मन बना लिया है ताकि चुनाव में सीनियर नेताओं की जनता के बीच बनी साख का फायदा उठाया जा सके। 

 

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