न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 11 Jun 2021 12:21 PM IST

सार

एंटीलिया केस में आरोपी सचिन वझे ने एक पत्र में देशमुख पर वसूली के लिए कहने का आरोप लगाया था इसी को आधार बनाकर मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर ने सिंह ने केस ट्रांसफर करने के लिए अर्जी लगाई। जिसे शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया।

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 परमबीर सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।  परमबीर सिंह ने कहा था कि अनिल देशमुख के खिलाफ शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने के लिए उनके खिलाफ जांच शुरू करवाई है। इस मामले को राज्य के बाहर ट्रांसफर कर दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जिनके घर शीशे के हो वो दूसरे के घरों पर पत्थर नहीं मारते। 

गौरतलब है कि 100 करोड़ की वसूली के आरोपों में घिरे पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच कर रही है। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने देशमुख पर वसूली का टारगेट देने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद राज्य में सियासी  घमासान मच गया था। विपक्षी के दबाव को देखते हुए अनिल देशमुख को गृहमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच शुरू
उसके बाद परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाकर जांच करने की मांग की। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जांच शुरू की। इस जांच के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार और अनिल देशमुख ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और उसके पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की अर्जी खारिज कर दी थी। दोनों ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें 100 करोड़ की वसूली के आरोपों की सीबीआई जांच का आदेश दिया गया था। 

विस्तार

 परमबीर सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।  परमबीर सिंह ने कहा था कि अनिल देशमुख के खिलाफ शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने के लिए उनके खिलाफ जांच शुरू करवाई है। इस मामले को राज्य के बाहर ट्रांसफर कर दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जिनके घर शीशे के हो वो दूसरे के घरों पर पत्थर नहीं मारते। 

गौरतलब है कि 100 करोड़ की वसूली के आरोपों में घिरे पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच कर रही है। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने देशमुख पर वसूली का टारगेट देने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद राज्य में सियासी  घमासान मच गया था। विपक्षी के दबाव को देखते हुए अनिल देशमुख को गृहमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच शुरू

उसके बाद परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाकर जांच करने की मांग की। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जांच शुरू की। इस जांच के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार और अनिल देशमुख ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और उसके पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की अर्जी खारिज कर दी थी। दोनों ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें 100 करोड़ की वसूली के आरोपों की सीबीआई जांच का आदेश दिया गया था। 

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