न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर/सागर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 07 Jun 2021 12:07 AM IST

सार

इंदौर में आयोजित आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में विधायक शुक्ला ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि बीते दिनों विमान से इंदौर पहुंचे इंजेक्शन की खेप को वापस भेजा जाए।
 

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रविवार को इंदौर में हुई जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने ब्लैक फंगस के इलाज के लिए लाए गए इंजेक्शनों के दुष्प्रभाव की शिकायत की। उन्होंने कहा कि बीते दिनों विमान से इंदौर बुलवाए गए ब्लैक फंगस के इंजेक्शन से मरीजों की किडनी खराब हो रही है। उन्होंने इन इंजेक्शनों को वापस भेजने की मांग की। उधर मध्यप्रदेश के ही सागर से आई खबर में कहा गया है कि ब्लैक फंगस के इंजेक्शन लगाए जाने के बाद मरीजों ने बुखार व उलटी की शिकायत की। 

इंदौर की रेसीडेंसी कोठी पर आयोजित इंदौर आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में विधायक शुक्ला ने यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इंदौर में जो इंजेक्शन आए थे, वह इंजेक्शन जिस भी मरीज को लगाए गए उसकी तबीयत बिगड़ गई। यही स्थिति उज्जैन में भी हुई है। इस इंजेक्शन का रिएक्शन हो रहा है। वह मरीजों की किडनी को भी खराब कर रहा है। 

डॉ. खरे ने भी इंजेक्शन को गलत बताया
बैठक में मौजूद राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ निशांत खरे ने भी कहा कि यह इंजेक्शन गलत हैं। इसका रिएक्शन हो रहा है। 

इंजेक्शन लगाने के बाद सागर में मरीजों को रिएक्शन
उधर, सागर स्थित शासकीय बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में एंटी-फंगल एम्फोटेरिसिन-बी का इंजेक्शन लगाए जाने के बाद ब्लैक फंगस के 27 मरीजों ने हल्के बुखार, कंपकंपी एवं उल्टी होने लगी। मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता ने इसकी जानकारी दी ।

प्रवक्ता ने बताया कि मरीजों में इसके दुष्प्रप्रभाव को देखने के बाद इंजेक्शन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. उमेश पटेल ने रविवार को फोन पर बताया कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के म्यूकरमाइकोसिस वार्ड में 42 मरीज भर्ती हैं। इनमें से 27 मरीजों को एम्फोटेरिसिन-बी के इंजेक्शन शनिवार शाम छह बजे लगाए गए। इंजेक्शन लगाते ही मरीजों को हल्का बुखार, कंपकंपी एवं उल्टी होने लगी। इसके बाद इन इंजेक्शनों को तत्काल प्रभाव से रोका गया। सभी मरीजों की स्थिति स्थिर है और उन्हें डरने या घबराने की आवश्यकता नहीं है।

पटेल ने बताया कि एम्फोटेरिसिन–बी इंजेक्शन के विकल्प में जो भी महत्वपूर्ण दवाइयां हैं, वे मरीजों को दी जा रही हैं एवं वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में सभी मरीजों का बेहतर से बेहतर इलाज किया जा रहा है। साथ ही शासन एवं प्रशासन को इसकी सूचना दी जा रही है।

कॉलेज के एक अन्य चिकित्सक ने बताया कि दो दिन पहले मध्य प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर को करीब 300 से 350 एम्फोटेरिसिन–बी इंजेक्शन भेजे थे।

विस्तार

रविवार को इंदौर में हुई जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने ब्लैक फंगस के इलाज के लिए लाए गए इंजेक्शनों के दुष्प्रभाव की शिकायत की। उन्होंने कहा कि बीते दिनों विमान से इंदौर बुलवाए गए ब्लैक फंगस के इंजेक्शन से मरीजों की किडनी खराब हो रही है। उन्होंने इन इंजेक्शनों को वापस भेजने की मांग की। उधर मध्यप्रदेश के ही सागर से आई खबर में कहा गया है कि ब्लैक फंगस के इंजेक्शन लगाए जाने के बाद मरीजों ने बुखार व उलटी की शिकायत की। 

इंदौर की रेसीडेंसी कोठी पर आयोजित इंदौर आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में विधायक शुक्ला ने यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इंदौर में जो इंजेक्शन आए थे, वह इंजेक्शन जिस भी मरीज को लगाए गए उसकी तबीयत बिगड़ गई। यही स्थिति उज्जैन में भी हुई है। इस इंजेक्शन का रिएक्शन हो रहा है। वह मरीजों की किडनी को भी खराब कर रहा है। 

डॉ. खरे ने भी इंजेक्शन को गलत बताया

बैठक में मौजूद राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ निशांत खरे ने भी कहा कि यह इंजेक्शन गलत हैं। इसका रिएक्शन हो रहा है। 

इंजेक्शन लगाने के बाद सागर में मरीजों को रिएक्शन

उधर, सागर स्थित शासकीय बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में एंटी-फंगल एम्फोटेरिसिन-बी का इंजेक्शन लगाए जाने के बाद ब्लैक फंगस के 27 मरीजों ने हल्के बुखार, कंपकंपी एवं उल्टी होने लगी। मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता ने इसकी जानकारी दी ।

प्रवक्ता ने बताया कि मरीजों में इसके दुष्प्रप्रभाव को देखने के बाद इंजेक्शन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. उमेश पटेल ने रविवार को फोन पर बताया कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के म्यूकरमाइकोसिस वार्ड में 42 मरीज भर्ती हैं। इनमें से 27 मरीजों को एम्फोटेरिसिन-बी के इंजेक्शन शनिवार शाम छह बजे लगाए गए। इंजेक्शन लगाते ही मरीजों को हल्का बुखार, कंपकंपी एवं उल्टी होने लगी। इसके बाद इन इंजेक्शनों को तत्काल प्रभाव से रोका गया। सभी मरीजों की स्थिति स्थिर है और उन्हें डरने या घबराने की आवश्यकता नहीं है।

पटेल ने बताया कि एम्फोटेरिसिन–बी इंजेक्शन के विकल्प में जो भी महत्वपूर्ण दवाइयां हैं, वे मरीजों को दी जा रही हैं एवं वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में सभी मरीजों का बेहतर से बेहतर इलाज किया जा रहा है। साथ ही शासन एवं प्रशासन को इसकी सूचना दी जा रही है।

कॉलेज के एक अन्य चिकित्सक ने बताया कि दो दिन पहले मध्य प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर को करीब 300 से 350 एम्फोटेरिसिन–बी इंजेक्शन भेजे थे।

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