• Hindi News
  • Tech auto
  • Estimated To Have A Business Of About 56 Thousand Crores In 2021, Companies Like Microsoft And Oracle Topped

नई दिल्ली6 दिन पहले

  • कॉपी लिंक

इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (IDC) ने आज एक नई रिपोर्ट जारी की है। इसके अनुसार 2021 के अंत तक भारतीय सॉफ्टवेयर मार्केट ( 7.6 बिलियन डॉलर) 56 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। भारत का सॉफ्टवेयर मार्केट 2020 में लगभग 52 हजार करोड़ रुपए (7 बिलियन डॉलर) आंका गया था, जो कि 2019 की तुलना में साल-दर-साल (YoY) 13.4 % ज्यादा है।

एशिया में भारत की हिस्सेदारी 17.5% रही
2020 में पूरे एशिया/प्रशांत (जापान और चीन को छोड़कर) (APEJC) में सॉफ्टवेयर मार्केट में भारत की हिस्सेदारी 17.5% थी। माइक्रोसॉफ्ट,ओरेकल और SAP जैसी सॉफ्टवेयर कंपनी साल 2020 के दौरान भारतीय मार्केट में सबसे आगे रहीं।

अगले 4 साल में 11.6% की ग्रोथ का अनुमान
IDC का अनुमान है कि भारत का समग्र सॉफ्टवेयर मार्केट 2020 से 2025 तक 11.6% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय इंटरप्राइजेज टेक्नोलॉजी में निवेश करना जारी रखेगा जो उन्हें ऑपरेशन करने में सुधार होगा और कर्मचारी की काम करने की कैपासिटी में सुधार के लिए इनोवेशन को बढ़ावा देने में मदद करेगा और बदले में बिजनेस को गति मिलेगी।

IDC को उम्मीद है कि प्लेटफॉर्म-एज-ए-सर्विस (PaaS) और सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) मार्केट के सभी सॉफ्टवेयर मार्केट में 2020 में 36.8 %से बढ़कर 2025 में 57.1 % हो जाएगा।

IT और सेल्स सेक्टर में इंक्रीमेंट सामान्य से ज्यादा
रिपोर्ट के मुताबिक महामारी से कारोबार में IT का महत्व बढ़ा है। वहीं, लॉकडाउन के बाद से सेल्स वाली जॉब की हायरिंग बढ़ी है। यह रिपोर्ट अहमदाबाद, बेंगलुरू, चंडीगढ़, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और पुणे में 17 सेक्टरों के 2,63,000 प्रोफाइल्स के एनालिसिस पर तैयार की गई है।

इसमें कहा गया है कि सेल्स सेक्टर में 9.82% और IT सेक्टर 8.55% का इंक्रीमेंट मिला, जो कि सामान्य इंक्रीमेंट (7.12%) से ज्यादा है।

टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योर ने हजारों स्टार्टअप शुरू किए
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की चार दशक पुरानी आईटी सर्विसेज इंडस्ट्री से जुड़े टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योर्स ने हजारों स्टार्टअप्स शुरू किए हैं। यह स्टार्टअप उच्च दर्जे के सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन उपलब्ध करा रहे हैं। इसमें बिलिंग से लेकर ग्राहक सपोर्ट जैसी सेवाएं शामिल हैं। यह स्टार्टअप क्लाउड के जरिए सब्सक्रिप्शन के आधार पर सर्विस देते हैं।

चार्जबी इंक जैसे कई स्टार्टअप ग्लोबल स्तर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, फ्रेशवर्क्स जैसे स्टार्टअप शेयर बाजारों में लिस्ट हो रहे हैं।

खबरें और भी हैं…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here