न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 11 Jun 2021 07:56 PM IST

सार

नेताओं की मुलाकात और बयानबाजी ने देश में सियासी सरगर्मियां बढ़ा दी है। अलग-अलग राज्यों में नेताओं के बीच बैठकें हो रही हैं। इसी कड़ी में  चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने में जुटे हैं। 

शरद पवार और प्रशांत किशोर की मुलाकात
– फोटो : अमर उजाला

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देश में तापमान बढ़ने के साथ-साथ सियासी पारा भी चढ़ता जा रहा है। अलग-अलग राज्यों में नेताओं की चल रही मुलाकातों और बयानों ने राजनीतिक माहौल को गरम कर दिया है।  इसी कड़ी में आज एनसीपी चीफ शरद पवार और प्रशांत किशोर की मुलाकात हुई। बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चनाव के नतीजों से गदगद चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर 2024 के लिए विपक्षी दलों को लामबंद करने में जुटे हुए हैं। शुक्रवार को मुंबई में प्रशांत किशोर ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की और डाइनिंग टेबल पर अगामी लोकसभा चुनाव को लेकर बातचीत की।

कई अन्य नेताओं से मिलेंगे प्रशांत किशोर
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 2024 में पीएम नरेंद्र मोदी के सामने विपक्ष का चेहरा कौन होगा इसे लेकर चर्चा हुई। प्रशांत किशोर के करीबी लोगों का कहना है कि पीके ममता बनर्जी और एमके स्टालिन को समर्थन देने वाले हर नेता से मिलेंगे, जो हाल के राज्य चुनावों के बड़े विजेता बने हैं। 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद बतौर रणनीतिकार काम नहीं करने का दावा करने वाले प्रशांत किशोरआखिर क्या चुनाव लड़ने के मूड में हैं। या फिर विपक्षी दलों को एकजुट करने में लगे हुए हैं। इधर महाराष्ट्र में भी सियासी सरगर्मियां तेज हो चली है। पिछले दिनों राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मराठा आरक्षण और अन्य मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद सियासी मायने भी निकाले गए। कयास लगाए जाने लगा कि क्या उद्धव ठाकरे की घर वापसी होने वाली है।

संजय राउत के बायन से बढ़ी सियासी हलचल
 वहीं शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत के बयान ने माहौल को गर्म कर दिया। राउत ने कहा कि मोदी देश के टॉप लीडर हैं। उनके इस बयान पर अटकलों का बाजार और गर्म हो गया। हालांकि उद्धव ठाकरे और पीएम मोदी के बीच हुई मुलाकात के दौरान महाराष्ट्र सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल था।  प्रशांत किशोर अब तक नरेंद्र मोदी, जगन मोहन रेड्डी, अरविंद केजरीवाल, कैप्टन अमरिंदर सिंह, ममता बनर्जी और उद्धव ठाकरे की पार्टी के लिए बतौर चुनावी रणनीतिकार काम कर चुके हैं।

विस्तार

देश में तापमान बढ़ने के साथ-साथ सियासी पारा भी चढ़ता जा रहा है। अलग-अलग राज्यों में नेताओं की चल रही मुलाकातों और बयानों ने राजनीतिक माहौल को गरम कर दिया है।  इसी कड़ी में आज एनसीपी चीफ शरद पवार और प्रशांत किशोर की मुलाकात हुई। बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चनाव के नतीजों से गदगद चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर 2024 के लिए विपक्षी दलों को लामबंद करने में जुटे हुए हैं। शुक्रवार को मुंबई में प्रशांत किशोर ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की और डाइनिंग टेबल पर अगामी लोकसभा चुनाव को लेकर बातचीत की।

कई अन्य नेताओं से मिलेंगे प्रशांत किशोर

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 2024 में पीएम नरेंद्र मोदी के सामने विपक्ष का चेहरा कौन होगा इसे लेकर चर्चा हुई। प्रशांत किशोर के करीबी लोगों का कहना है कि पीके ममता बनर्जी और एमके स्टालिन को समर्थन देने वाले हर नेता से मिलेंगे, जो हाल के राज्य चुनावों के बड़े विजेता बने हैं। 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद बतौर रणनीतिकार काम नहीं करने का दावा करने वाले प्रशांत किशोरआखिर क्या चुनाव लड़ने के मूड में हैं। या फिर विपक्षी दलों को एकजुट करने में लगे हुए हैं। इधर महाराष्ट्र में भी सियासी सरगर्मियां तेज हो चली है। पिछले दिनों राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मराठा आरक्षण और अन्य मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद सियासी मायने भी निकाले गए। कयास लगाए जाने लगा कि क्या उद्धव ठाकरे की घर वापसी होने वाली है।

संजय राउत के बायन से बढ़ी सियासी हलचल

 वहीं शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत के बयान ने माहौल को गर्म कर दिया। राउत ने कहा कि मोदी देश के टॉप लीडर हैं। उनके इस बयान पर अटकलों का बाजार और गर्म हो गया। हालांकि उद्धव ठाकरे और पीएम मोदी के बीच हुई मुलाकात के दौरान महाराष्ट्र सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल था।  प्रशांत किशोर अब तक नरेंद्र मोदी, जगन मोहन रेड्डी, अरविंद केजरीवाल, कैप्टन अमरिंदर सिंह, ममता बनर्जी और उद्धव ठाकरे की पार्टी के लिए बतौर चुनावी रणनीतिकार काम कर चुके हैं।

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