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Thursday, October 21, 2021
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मेंटल होने से बचाएगी प्लांट थैरेपी: पेड़ों को प्यार की झप्पी देकर हो रहा दिव्यांगों का इलाज


3 दिन पहलेलेखक: निशा सिन्हा

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  • दिमाग को तंदरुस्त रखना है तो पौधों की ओर बढ़ाएं दोस्ती का हाथ
  • पेड़ों की पनाह में ही छिपा है मन का सुकून
  • पाैधों से कैदियों पर भी हुआ अच्छा असर

स्टडीज बताती है कि पौधों के साथ समय गुजारने का सीधा असर बाॅडी पर होता है। इस विषय पर हुए सर्वे में यह पाया गया कि गार्डेनिंग करने से खराब मूड भी अच्छा जो जाता है।

मन की बेहतरी के लिए

मन की बेहतरी के लिए

हिट हो रहा प्लांट थैरेपी का आइडिया
हॉर्टिकल्चर थैरेपी की मदद से दिव्यांग बच्चों के सेहत को सुधारी जा रही है। केरल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी साइंस की प्रोफेसर बीला जीके ने यह इनीशिएटिव लिया। यह भारत में शुरू अपनी तरह का अनूठा प्राेग्राम है। प्रो. बीला के अनुसार, “हमने हार्टिकल्चर थैरेपी में इंसान और पौधों के बीच के कनेक्शन पर फोकस किया गया है। दिव्यांग बच्चों की प्रॉब्लम्स को समझने के बाद पेड़-पौधों की मदद से इलाज किया जाता है। यह स्पीच थैरेपी, इमोशनल डेवलपमेंट और कॉग्नेटिव बिहेवियर को सुधारने में मदद करता है। ऑटिज्म के शिकार, अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों को इससे सुधारने की कोशिश की जा रही है। पौधों को गले लगा लगा कर, स्पॉन्ज से पानी दे करा, पाधे लगा कर ऐसे कई तरीके से समस्याओं को सुधारा जा रहा है। ”

शांति का दूसरा नाम पौधे

शांति का दूसरा नाम पौधे

प्लांट थैरेपी का रेगुलर डोज करेगा डिप्रेशन दूर
यूके के डॉक्टर्स की मानें तो, पेड़-पौधों के निकट रहने से दिमाग से जुड़ी बीमारियां दूर होगी। उतरी यूरोप में ग्रीन केयर फार्म्स बेहद पॉपुलर हैं।नार्वे और नीदरलैंड में ऐसे फार्म्स की संख्या बहुत है। लर्निंग डिसएबिलिटी, मेंटल हेल्थ के मरीजों को इससे फायदा पहुंचा है।इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी एसैक्स की ओर से नेशनल केयर फार्म्स नेटवर्क की स्थापना की गई। इसके तहत 180 फार्म्स लगाए गए।करीब 3 हजार पेशेंट्स को सप्ताहभर तक विजिट करने के बाद 40 मरीजों पर इसका पॉजिटिव इफेक्ट हुआ।

पौधों के साथ समय गुजार कर तो देखें

पौधों के साथ समय गुजार कर तो देखें

पौधों की सेवा से मिलेगा हेल्थ का मेवा
जपानी स्टडी के अनुसार, पौधों की सेवा करने से तनाव कम होता है। लोगों पर बेवजह गुस्सा नहीं आता और डर लगना कम हो जाता है। इतना ही नहीं, ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन भी काबू में रहती है। इसी देश में हुआ एक दूसरा शोध बताता है कि कंक्रीट की दीवारों की बजाय गार्डन की हरी-भरी झाड़ियों को देखने के फिजियोलॉजिकल बेनिफिट्स होते हैं।

कैदियों पर भी चलता है पौधों का जादू
एनवायरमेंटल साइकोलॉजिस्ट रोजर यूरिक मानते हैं कि ऑपरेशन के बाद मरीजों पर पेड़ पौधों के निकट रहने, उनको महसूस करने का मरीजों के मूड पर शानदार असर हुआ। यहां तक कि इनको एनाल्जेसिक यानी दर्द की दवाओं से दूर रहने में मदद मिली। ये जल्दी रिकवर होकर अपने घर गए। मिशिगन के कैदियों के ऊपर हुए अध्ययन में भी यह खुलासा हुआ कि जिन कैदियों को सेल से गांव की झलक दिखती थी, उनको मेडिकल सर्विसेज की कम जरूरत पड़ती है।

बिलकुल दिल के पास

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वर्कप्लेस को रखें हरा भरा, मिलेगा सुकून
एक स्टडी ने दावा किया कि कंप्यूटर रूम में पौधे रखें जाए, तो ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। इसके साथ की इस पर काम करने वालों का परफॉर्मेंस भी बेहतर होता है। इनडोर प्लांट्स को रखने से कमरे के अंदर मौजूद हवा में मौजूद पॉल्यूटेंट्स भी कम होते हैं। ड्रेसिना जैसे प्लांट्स बेहतरीन एअर फिल्टर का काम करते हैं।

खबरें और भी हैं…


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