न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 11 Jun 2021 09:57 AM IST

सार

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट की आज पुण्यतिथि है। नेताओं की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। वहीं सचिन पायलट के कांग्रेस छोड़ने की अटकलें भी तेज है। प्रियंका गांधी ने उनसे फोन बात की।

प्रियंका गांधी और सचिन पायलट (फाइल फोटो))
– फोटो : अमर उजाला

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राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने गुरुवार को अपने गुट के विधायकों के साथ बैठक कर राज्य में सियासी सरगर्मियां तेज कर दी। ऐसे इसलिए कि पिछले दिनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद भाजपा में शामिल हो गए। उसके बाद अटकलें तेज हो गई कि सचिन पायलट भी कांग्रेस को अलविदा कह सकते हैं। हालांकि सचिन पायलट और उनके समर्थकों की ओर से कोई बयान नहीं जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि सुलह कमेटी की रिपोर्ट को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट नाराज हैं। कांग्रेस आलाकमान ने सचिन पायलट को मनाने की कोशिश की है, इसी कड़ी में गुरुवार की देर रात कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने फोन कर उनसे बातचीत की। इसके अलावा कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी उन्हें मनाने की कवायद में जुटे हुए हैं। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सचिन पायलट शुक्रवार को दिल्ली पहुंच सकते हैं। इससे पहले अपने पिता (राजेश पायलट) की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने के लिए वह दौसा पहुंच कर नमन किया। गुरुवार को जयपुर में सचिन पायलट के नेतृत्व में करीब आधा दर्जन विधायकों की बैठक बुलाई गई थी। 

हेमाराम चौधरी आज विधानसभा अध्यक्ष से मिलेंगे
बताया जा रहा है कि सुलह कमेटी को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहा है, लेकिन यह अब धीरे-धीरे खुलकर सामने आने लगा है। वहीं पिछले दिनों सचिन पायलट गुट के इस्तीफा देने वाले विधायक हेमाराम चौधरी भी आज विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी से मिलेंगे। विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा था कि व्यक्तिगत मिलने के बाद ही इस्तीफा स्वीकार करने का फैसला लिया जाएगा।  

सचिन गुट के विधायकों को मंत्रिमंडल में अभी तक नहीं किया गया शामिल
गौरतलब है कि राज्य सरकार में सचिन पायलट की भागीदारी और उनके विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करने का वादा किया गया था, लेकिन अभी तक शामिल नहीं किया गया। इसको लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और  सचिन पायलट एक बार फिर आमने-सामने हैं।

विस्तार

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने गुरुवार को अपने गुट के विधायकों के साथ बैठक कर राज्य में सियासी सरगर्मियां तेज कर दी। ऐसे इसलिए कि पिछले दिनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद भाजपा में शामिल हो गए। उसके बाद अटकलें तेज हो गई कि सचिन पायलट भी कांग्रेस को अलविदा कह सकते हैं। हालांकि सचिन पायलट और उनके समर्थकों की ओर से कोई बयान नहीं जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि सुलह कमेटी की रिपोर्ट को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट नाराज हैं। कांग्रेस आलाकमान ने सचिन पायलट को मनाने की कोशिश की है, इसी कड़ी में गुरुवार की देर रात कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने फोन कर उनसे बातचीत की। इसके अलावा कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी उन्हें मनाने की कवायद में जुटे हुए हैं। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सचिन पायलट शुक्रवार को दिल्ली पहुंच सकते हैं। इससे पहले अपने पिता (राजेश पायलट) की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने के लिए वह दौसा पहुंच कर नमन किया। गुरुवार को जयपुर में सचिन पायलट के नेतृत्व में करीब आधा दर्जन विधायकों की बैठक बुलाई गई थी। 

हेमाराम चौधरी आज विधानसभा अध्यक्ष से मिलेंगे

बताया जा रहा है कि सुलह कमेटी को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहा है, लेकिन यह अब धीरे-धीरे खुलकर सामने आने लगा है। वहीं पिछले दिनों सचिन पायलट गुट के इस्तीफा देने वाले विधायक हेमाराम चौधरी भी आज विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी से मिलेंगे। विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा था कि व्यक्तिगत मिलने के बाद ही इस्तीफा स्वीकार करने का फैसला लिया जाएगा।  

सचिन गुट के विधायकों को मंत्रिमंडल में अभी तक नहीं किया गया शामिल

गौरतलब है कि राज्य सरकार में सचिन पायलट की भागीदारी और उनके विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करने का वादा किया गया था, लेकिन अभी तक शामिल नहीं किया गया। इसको लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और  सचिन पायलट एक बार फिर आमने-सामने हैं।

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