न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर।
Published by: योगेश साहू
Updated Fri, 11 Jun 2021 09:45 PM IST

सार

राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने एक अहम आदेश में प्रेमी युगल को सुरक्षा देने से इनकार करते हुए कहा है कि विवाहित और अविवाहित लिव इन रिलेशन में एक साथ नहीं रह सकते हैं।

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रेमी युगल को सुरक्षा देने से इनकार करते हुए कहा है कि विवाहित और अविवाहित लिव इन रिलेशन में एक साथ नहीं रह सकते। कोर्ट ने यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के आलोक में दिया, जिसमें कहा गया है कि ऐसे मामलों में युगल का अविवाहित होना आवश्यक है। न्यायाधीश पंकज भंडारी ने यह आदेश 29 वर्षीय अविवाहित युवती और 31 वर्षीय विवाहित युवक की संयुक्त याचिका को खारिज करते हुए दिया।

अदालत ने कहा कि याचिका के तथ्यों को देखकर यह साबित होता है कि याचिकाकर्ता युवक पहले से ही विवाहित है। ऐसे में वह किसी अविवाहित युवती के साथ लिव इन में नहीं रह सकता है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि लिव इन रिलेशनशिप के लिए प्रेमी युगल को न केवल पति-पत्नी की तरह रहना चाहिए, बल्कि उसकी शादी करने की उम्र या शादी करने की पात्रता भी होनी चाहिए, जो कि एक विवाहित व अविवाहित के मामले में नहीं हो सकती।

बता दें कि युगल ने अपनी याचिका में कहा था कि वे लिव इन रिलेशनशिप में रहते हैं। ऐसे में उन्हें अपने परिजनों से खतरा है। इसलिए उन्हें सुरक्षा दी जाए। याचिका में डीजीपी और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सहित करधनी थानाधिकारी को भी पक्षकार बनाया गया था।

विस्तार

राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रेमी युगल को सुरक्षा देने से इनकार करते हुए कहा है कि विवाहित और अविवाहित लिव इन रिलेशन में एक साथ नहीं रह सकते। कोर्ट ने यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के आलोक में दिया, जिसमें कहा गया है कि ऐसे मामलों में युगल का अविवाहित होना आवश्यक है। न्यायाधीश पंकज भंडारी ने यह आदेश 29 वर्षीय अविवाहित युवती और 31 वर्षीय विवाहित युवक की संयुक्त याचिका को खारिज करते हुए दिया।

अदालत ने कहा कि याचिका के तथ्यों को देखकर यह साबित होता है कि याचिकाकर्ता युवक पहले से ही विवाहित है। ऐसे में वह किसी अविवाहित युवती के साथ लिव इन में नहीं रह सकता है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि लिव इन रिलेशनशिप के लिए प्रेमी युगल को न केवल पति-पत्नी की तरह रहना चाहिए, बल्कि उसकी शादी करने की उम्र या शादी करने की पात्रता भी होनी चाहिए, जो कि एक विवाहित व अविवाहित के मामले में नहीं हो सकती।

बता दें कि युगल ने अपनी याचिका में कहा था कि वे लिव इन रिलेशनशिप में रहते हैं। ऐसे में उन्हें अपने परिजनों से खतरा है। इसलिए उन्हें सुरक्षा दी जाए। याचिका में डीजीपी और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सहित करधनी थानाधिकारी को भी पक्षकार बनाया गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here