सार

हैंडपंप प्रकरण में अब सियासी जंग छिड़ गई है। जहां कांग्रेस विधायकों ने भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाकर दोबारा से हैंडपंप लगाने की मांग की है तो वहीं बजरंग दल के कार्यकर्ता इसका विरोध कर रहे हैं। जानिए आखिर क्या पूरा मामला क्या है।

पुलिस ने कांग्रेस विधायक को हिरासत में लिया।
– फोटो : amar ujala

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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद के बेहट क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा 60 साल पुराने हैंडपंप को उखाड़ने के बाद भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच सियासी जंग छिड़ गई है। इस मामले में मंगलवार को धरना देने जा रहे कांग्रेस के दो विधायकों को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता पानी को हिंदू-मुस्लिम के रूप में बांटने की कोशिश कर रहे हैं।

ये था मामला
सहारनपुर में बेहट कस्बा के मोहल्ला मनिहारान में हैंडपंप उखाड़े जाने पर मोहल्ले के लोगों ने विरोध किया था। उन्होंने कहा कि जो हैंडपंप 60 साल से लगा है, उससे मोहल्ले के लोग पानी भरते हैं, उसे एक दुकानदार के प्रार्थना पत्र देने पर क्यों उखाड़ दिया। लोगों ने बेहट से कांग्रेस विधायक नरेश सैनी से इसकी शिकायत की थी। इसके बाद वे भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने प्रशासन द्वारा हैंडपंप उखाड़े जाने की कार्रवाई को गलत बताते हुए विरोध किया और वहीं पर एक दुकान के स्लैब पर धरना देकर बैठ गए थे। इसके बाद कांग्रेस के सहारनपुर देहात से विधायक मसूद अख्तर भी वहां पहुंचे थे।

कांग्रेस विधायक को हिरासत में लिया
हैंडपंप उखाड़ने पर गरमाई सियासत में मंगलवार को जब कांग्रेस विधायकों को हिरासत में लिया गया तो कांग्रेस नेताओं ने जमकर निशाना साधा। एसपी सिटी कार्यालय पर कांग्रेस नेताओं ने कई आरोप लगाए। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव इमरान मसूद ने कहा कि हैंडपंप 60 साल से लगा था, उसे जानबूझकर उखाड़ा गया। आरोप लगाया कि भाजपा के पास कोई रास्ता नहीं है, बस अब पानी और हैंडपंप को हिंदू-मुस्लिम में बांटने की कोशिश भाजपा नेता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जलती चिताओं की आग ठंडी नहीं हुई और मृतकों का अंतिम संस्कार में भी तिरस्कार किया गया है, यह जनता ने सब देखा है। यह लड़ाई जनहित की है, हैंडपंप जनता के लिए लगा था, उसे हटाकर प्रशासन ने जनता से पानी छीना है। अधिकारियों ने भरोसा दिया है बाजार में हैंडपंप लगेगा, इसी भरोसे पर दोनों विधायकों को रिहा किया गया।

सत्ता पक्ष के दबाव में हटा हैंडपंप : सैनी
सता पक्ष के दबाव में हैंडपंप उखड़वाकर प्रशासन ने लोगों से पीने के पानी की व्यवस्था छीन ली। वह शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं तो उन्हें रोका जा रहा है। यह लोकतंत्र की हत्या नहीं तो क्या है। सत्ता पक्ष के लोग इकट्ठा होकर तहसील और थाने में घुसकर गुंडागर्दी करते हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से धरना देने से भी रोका जा रहा है। गरीब जनता के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ वह चुप नहीं बैठेंगे। – नरेश सैनी, विधायक

जगह देखी गई है, जल्द लगेगा हैंडपंप : एसबी सिंह
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एसबी सिंह का कहना है कि बेहट के बाजार में उपयुक्त स्थान पर हैंडपंप लगवाया जा रहा है। ताकि लोगों को पेयजल की आपूर्ति में कोई बाधा ना होने पाए। उन्होंने बताया कि हैंडपंप लगवाने के लिए एसडीएम बेहट द्वारा जगह तलाश ली गई है, जल्दी ही हैंडपंप लगवाया जाएगा।

व्यापारी के परिवार ने दी थी पलायन की चेतावनी
हैंडपंप उखड़वाने की मांग करने वाले व्यापारी आचार्य पंडित मुरारी झा ने अपना और अपनी माता रेनु का वीडियो वायरल किया था। प्रदीप ने कहा था कि हैंडपंप हमारी दुकान के आगे लगा था, जिससे आवागमन बाधित होने के साथ ही उनका व्यापार भी प्रभावित होता था। हैंडपंप हटवाने के लिए उन्होंने प्रार्थना पत्र दिया था, जिस पर जांच करने के उपरांत ही प्रशासन ने हैंडपंप को हटवाया। आरोप है कि क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक नरेश सैनी ने वोटबैंक की राजनीति के लिए लोगों को उकसाया और हंगामा कर धरना देते हुए प्रशासन पर दबाव बनाया।

प्रदीप ने कहा कि विधायक क्षेत्र की सभी जनता के हैं, सिर्फ एक वर्ग के हित की बात नहीं करनी चाहिए। पंडित मुरारी ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर कस्बे में जिस तरह के हालात पैदा किए गए हैं, उस वजह से अब उनका परिवार यहां से पलायन करने को मजबूर है। पंडित मुरारी ने पलायन की चेतावनी देते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मांग की थी कि मामले में उन्हें न्याय दिलाया जाए।

उनकी मांग है कि किसी के दबाव में आकर उस स्थान पर अब दोबारा से हैंडपंप न लगाया जाए। इस संबंध में बजरंग दल पदाधिकारियों ने एसडीएम बेहट दीप्ति देव को ज्ञापन सौंपा था। इससे पहले कांग्रेस विधायकों ने हैंडपंप उखाड़ने के विरोध में धरना दिया था। 

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने किया था प्रदर्शन
हैंडपंप उखाड़ने के मामले में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बेहट पहुंचकर प्रदर्शन किया और हनुमान चालीसा का पाठ किया था। बजरंग दल मेरठ प्रांत संयोजक विकास त्यागी सहित अन्य पदाधिकारियों का कहना है कि हैंडपंप रास्ते के बीच में आ रहा था, प्रशासन ने जांच कराकर ही हैंडपंप को उखड़वाया है। इसके बावजूद कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए धरना दिया। उनकी मांग है कि किसी के दबाव में आकर उस स्थान पर अब दोबारा से हैंडपंप ना लगाया जाए। इस संबंध में बजरंग दल पदाधिकारियों ने एसडीएम बेहट दीप्ति देव को ज्ञापन सौंपा है। इससे पहले रविवार को कांग्रेस विधायकों ने हैंडपंप उखाड़ने के विरोध में धरना दिया था। उधर, भीम आर्मी भी मैदान में कूदी और धरना दिया। भीम आर्मी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनजीत सिंह ने कहा कि हैंडपंप पुनः उसी स्थान पर लगाया जाए। 

अब आमने-सामने 
अब जहां कांग्रेस नेता हैंडपंप को दोबारा से उसी स्थान पर लगवाने की मांग कर रहे हैं, तो वहीं व्यापारी सहित बजरंग दल के कार्यकर्ता प्रशासन से हैंडपंप को दोबारा से नहीं लगाने की मांग अड़े हुए हैं। बता दें कि यह हैंडपंप छह जून को नगर पालिका द्वारा उखाड़ा गया था।

विस्तार

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद के बेहट क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा 60 साल पुराने हैंडपंप को उखाड़ने के बाद भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच सियासी जंग छिड़ गई है। इस मामले में मंगलवार को धरना देने जा रहे कांग्रेस के दो विधायकों को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता पानी को हिंदू-मुस्लिम के रूप में बांटने की कोशिश कर रहे हैं।

ये था मामला

सहारनपुर में बेहट कस्बा के मोहल्ला मनिहारान में हैंडपंप उखाड़े जाने पर मोहल्ले के लोगों ने विरोध किया था। उन्होंने कहा कि जो हैंडपंप 60 साल से लगा है, उससे मोहल्ले के लोग पानी भरते हैं, उसे एक दुकानदार के प्रार्थना पत्र देने पर क्यों उखाड़ दिया। लोगों ने बेहट से कांग्रेस विधायक नरेश सैनी से इसकी शिकायत की थी। इसके बाद वे भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने प्रशासन द्वारा हैंडपंप उखाड़े जाने की कार्रवाई को गलत बताते हुए विरोध किया और वहीं पर एक दुकान के स्लैब पर धरना देकर बैठ गए थे। इसके बाद कांग्रेस के सहारनपुर देहात से विधायक मसूद अख्तर भी वहां पहुंचे थे।

कांग्रेस विधायक को हिरासत में लिया

हैंडपंप उखाड़ने पर गरमाई सियासत में मंगलवार को जब कांग्रेस विधायकों को हिरासत में लिया गया तो कांग्रेस नेताओं ने जमकर निशाना साधा। एसपी सिटी कार्यालय पर कांग्रेस नेताओं ने कई आरोप लगाए। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव इमरान मसूद ने कहा कि हैंडपंप 60 साल से लगा था, उसे जानबूझकर उखाड़ा गया। आरोप लगाया कि भाजपा के पास कोई रास्ता नहीं है, बस अब पानी और हैंडपंप को हिंदू-मुस्लिम में बांटने की कोशिश भाजपा नेता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जलती चिताओं की आग ठंडी नहीं हुई और मृतकों का अंतिम संस्कार में भी तिरस्कार किया गया है, यह जनता ने सब देखा है। यह लड़ाई जनहित की है, हैंडपंप जनता के लिए लगा था, उसे हटाकर प्रशासन ने जनता से पानी छीना है। अधिकारियों ने भरोसा दिया है बाजार में हैंडपंप लगेगा, इसी भरोसे पर दोनों विधायकों को रिहा किया गया।

सत्ता पक्ष के दबाव में हटा हैंडपंप : सैनी

सता पक्ष के दबाव में हैंडपंप उखड़वाकर प्रशासन ने लोगों से पीने के पानी की व्यवस्था छीन ली। वह शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं तो उन्हें रोका जा रहा है। यह लोकतंत्र की हत्या नहीं तो क्या है। सत्ता पक्ष के लोग इकट्ठा होकर तहसील और थाने में घुसकर गुंडागर्दी करते हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से धरना देने से भी रोका जा रहा है। गरीब जनता के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ वह चुप नहीं बैठेंगे। – नरेश सैनी, विधायक

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