हरिद्वार42 मिनट पहले

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गलत विचारों की वजह से जीवन में दुख और अशांति बनी रहती है। जब हम ये सोचने लगते हैं कि मैं और मेरा मन अलग है, मैं और मेरी देह अलग है, मैं और मेरे विचार अलग हैं, तब हमारा जीवन अशांत हो जाता है। हम केवल मन, देह या विचार नहीं हैं। हमें अपनी सत्यता, वास्तविकता को समझना चाहिए।

आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए आनंद पाने के लिए किन बातों का ध्यान रखें?

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