हरिद्वार8 घंटे पहले

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कर्ता होने का अहंकार हमारी आध्यात्मिक इच्छाओं को खत्म कर देता है। अहंकार नहीं रहेगा तो हम सजग रहेंगे। हम जितने अधिक सावधान, विनम्र और सरल रहते हैं, उतने ही हम स्वभाविक रहते हैं। किसी भी तरह की बनावट को अपने स्वभाव में न आने दें।

आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए अपने व्यक्तित्व में आकर्षण कैसा आता है?

आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।

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