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  • Bharti Airtel This autumn Outcomes: Bharti Airtel Revenue Slides 31% YoY To Rs 2,072 Crore; Dividend Declared At Rs 8 Share

मुंबई2 मिनट पहले

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टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल लिमिटेड का वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में मुनाफा सालाना आधार (YoY) पर 31.08% घटकर ₹2,071 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट यानी शुद्ध मुनाफा ₹3,005 करोड़ रहा था।

एयरटेल ने ₹8 प्रति शेयर के लाभांश का किया ऐलान
एयरटेल ने आज यानी 14 मई को चौथी तिमाही और सालाना नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024 के लिए ₹8 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड यानी लाभांश का भी ऐलान भी किया है। कंपनियां अपने शेयरधारकों को मुनाफे का कुछ हिस्सा देती हैं, उसे डिविडेंड कहते हैं।

कंपनी ने ऑपरेशन से कॉन्सोलिडेटेड रेवेन्यू यानी आय में सालाना आधार पर करीब 1% की गिरावट दर्ज की है। FY24 की चौथी तिमाही में रेवेन्यू ₹37,599 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही यानी FY23 की चौथी तिमाही में रेवेन्यू ₹37,899 करोड़ रहा था।

एयरटेल का वित्त-वर्ष 2024 में मुनाफा 10.52% घटा
टेलीकॉम कंपनी का पूरे वित्त वर्ष 2024 में कॉन्सोलिडेटेड मुनाफा 10.52% घटकर ₹7,467 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2023 में मुनाफा ₹8,345 करोड़ रहा था।

2023 की तुलना में 2024 में कंपनी का रेवेन्यू 8% बढ़ा
वहीं कंपनी का पूरे साल (2023-2024) का ऑपरेशन से कॉन्सोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹1.50 लाख करोड़ पहुंच गया। वित्त वर्ष 2022-2023 में रेवेन्यू ₹1.39 लाख करोड़ रहा था। यानी रेवेन्यू में 8% की बढ़ोतरी हुई है।

कॉन्सोलिडेटेड मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन
कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंडअलोन और कॉन्सोलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि, कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है।

एयरटेल के शेयर ने एक साल में 61% रिटर्न दिया
रिजल्ट आने से पहले 14 मई को एयरटेल का शेयर का शेयर 0.086% बढ़कर ₹1,287.05 पर बंद हुआ। वहीं पिछले एक साल में इसने निवेशकों को 61.48% रिटर्न दिया है।

1995 में हुई थी एयरटेल की शुरुआत
1992 में भारत सरकार ने पहली बार मोबाइल सेवा के लिए लाइसेंस बांटने शुरू किए। कंपनी के फाउंडर सुनील मित्तल ने इस अवसर को समझा और फ्रेंच कंपनी विवेंडी के साथ मिलकर दिल्ली और आस-पास के इलाकों के सेल्युलर लाइसेंस हासिल किए। 1995 में सुनील मित्तल ने सेल्युलर सेवाओं की पेशकश के लिए भारती सेल्युलर लिमिटेड की स्थापना की और एयरटेल ब्रांड के तहत काम शुरू किया।

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