सूरत5 मिनट पहले

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प्रस्तावकों के फर्जी हस्ताक्षर होने के चलते कुंभाणी का पर्चा रद्द कर दिया गया था। - Dainik Bhaskar

प्रस्तावकों के फर्जी हस्ताक्षर होने के चलते कुंभाणी का पर्चा रद्द कर दिया गया था।

गुजरात लोकसभा चुनावों की वोटिंग से पहले नामांकन रद्द होने के बाद गायब हुए नीलेश कुंभाणी 22 दिनों बाद बाद सामने आए हैं। कुंभाणी ने कांग्रेस पार्टी और अपने विरोधियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने नामांकन रद्द होने पर कहा कि मैंने कांग्रेस से 2017 का बदला लिया है।

कांग्रेस ने मेरे साथ गद्दारी की थी उन्होंने कांग्रेस नेताओं

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