सार

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय इस सप्ताह सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CUCET यानी सीयूसीईटी) के कार्यान्वयन पर अन्य एजेंडे के साथ चर्चा करने के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की एक बैठक बुलाई है।

सीयूसीईटी : सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

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कोरोना महामारी के दौर में केंद्रीय विश्वविद्यालयों की दाखिला प्रक्रिया को लेकर सरकार बड़ा निर्णय करने जा रही है। इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने तैयारी पूरी कर ली है। केंद्रीय विश्वविद्यालय यानी सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एडिमशन के लिए एक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट होता है। इसके अलावा कई विश्वविद्यालय अपने स्तर पर भी परीक्षाएं आयोजित करते हैं।

इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय इस सप्ताह सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CUCET यानी सीयूसीईटी) के कार्यान्वयन पर अन्य एजेंडे के साथ चर्चा करने के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की एक बैठक बुला रहा है। इसके साथ ही मंत्रालय अगले 15 दिनों के भीतर अप्रैल और मई सत्र की जेईई (मेन) और नीट – यूजी परीक्षा के लिए नई तारीखों की भी जल्द घोषणा करेगा।

उल्लेखनीय है कि देश भर में वैश्विक संक्रामक महामारी कोविड -19 के मामलों में वृद्धि के कारण, जेईई (मुख्य) परीक्षा स्थगित कर दी गई थी। जबकि, नीट -यूजी परीक्षा को एक अगस्त, 2021 के लिए निर्धारित किया गया है। हालांकि, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने लॉकडाउन के कारण इसकी पंजीकरण प्रक्रिया शुरू नहीं की है। इस बीच, अधिकांश राष्ट्रीय, राज्य और निजी बोर्डों द्वारा 12वीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द करने के बाद, उच्च शिक्षा संस्थान, अपनी मूल्यांकन नीति की घोषणा के लिए बोर्ड के फैसले की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
 

हालांकि, मूल्यांकन असमानता की चिंताओं के साथ वैकल्पिक उपायों पर भी विचार किया जा रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CUCET यानी सीयूसीईटी) पर चर्चा से संकेत मिलता है कि सरकार परीक्षा आयोजित करने के बारे में सोच रही है, जिसे देशभर में कोविड -19 मामलों की वृद्धि के कारण रोक दिया गया था। 

शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सीबीएसई की 12वीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द करना महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए किया गया था। हालांकि, इसके बाद 12वीं कक्षा के परिणामों के मूल्यांकन में असमानता पर चिंता जता जा रही है, क्योंकि वे स्कूल स्तर पर मूल्यांकन पर आधारित होंगे।

मंत्रालय इस मामले को केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ उठाने जा रहा है और सीयूसीईटी और अन्य टर्म-एंड परीक्षाओं के आयोजन पर चर्चा करेगा। बैठक इस सप्ताह बुलाए जाने की संभावना है, जो हालांकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री की उपलब्धता पर निर्भर करती है।  
 

मंत्रालय के अधिकारियों ने संकेत दिया कि हालांकि नीट-यूजी को बाद की तारीख में स्थगित किए जाने की संभावना है, लेकिन जेईई (मेन) और नीट-यूजी को रद्द नहीं किया जाएगा। इन परीक्षाओं को रद्द करने का कोई सवाल ही नहीं है। हालांकि, इस सप्ताह या अगले सप्ताह समीक्षा की जाएगी और अगले 15 दिनों में कोरोना की स्थिति के आधार पर नई तारीखों की घोषणा की जाएगी।

इन प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी से प्रवेश सत्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। जबकि जेईई (मेन) के फरवरी और मार्च के सत्र सफलतापूर्वक आयोजित किए गए थे। लेकिन, कोरोना के मामलों में वृद्धि के बाद एनटीए ने अप्रैल और मई सत्र की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया था।

विस्तार

कोरोना महामारी के दौर में केंद्रीय विश्वविद्यालयों की दाखिला प्रक्रिया को लेकर सरकार बड़ा निर्णय करने जा रही है। इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने तैयारी पूरी कर ली है। केंद्रीय विश्वविद्यालय यानी सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एडिमशन के लिए एक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट होता है। इसके अलावा कई विश्वविद्यालय अपने स्तर पर भी परीक्षाएं आयोजित करते हैं।

इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय इस सप्ताह सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CUCET यानी सीयूसीईटी) के कार्यान्वयन पर अन्य एजेंडे के साथ चर्चा करने के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की एक बैठक बुला रहा है। इसके साथ ही मंत्रालय अगले 15 दिनों के भीतर अप्रैल और मई सत्र की जेईई (मेन) और नीट – यूजी परीक्षा के लिए नई तारीखों की भी जल्द घोषणा करेगा।

उल्लेखनीय है कि देश भर में वैश्विक संक्रामक महामारी कोविड -19 के मामलों में वृद्धि के कारण, जेईई (मुख्य) परीक्षा स्थगित कर दी गई थी। जबकि, नीट -यूजी परीक्षा को एक अगस्त, 2021 के लिए निर्धारित किया गया है। हालांकि, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने लॉकडाउन के कारण इसकी पंजीकरण प्रक्रिया शुरू नहीं की है। इस बीच, अधिकांश राष्ट्रीय, राज्य और निजी बोर्डों द्वारा 12वीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द करने के बाद, उच्च शिक्षा संस्थान, अपनी मूल्यांकन नीति की घोषणा के लिए बोर्ड के फैसले की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

 

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