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नई दिल्ली29 मिनट पहले

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बंद हो चुकी एविएशन कंपनी गो फर्स्ट की कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 60 दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया है। NCLT ने इसकी डेट आगे तब बढ़ाई है, जब इसे बताया गया कि तीन पार्टियों ने गो फर्स्ट को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। NCLT को यह बात गो फर्स्ट के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (RP) ने बताई है।

रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल की तरफ से पेश दिवाकर माहेश्वरी ने अपना एक्सप्रेशन ऑफ इंटेरेस्ट (EoI) दाखिल करते हुए बयाना राशि जमा कर दी है। इसके चलते गो फर्स्ट के लेंडर्स ने बहुमत से CIRP को आगे बढ़ाने के पक्ष में अपना मत दिया है।

कंपनियां 15 फरवरी तक जमा कर सकती हैं रिजॉल्यूशन प्लान
रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल के मुताबिक, गो फर्स्ट को खरीदने में दिलचस्पी रखने वाली तीनों पार्टियां अपना रिजॉल्यूशन प्लान 15 फरवरी तक सबमिट कर सकती हैं। पिछले साल दिसंबर 2023 में यह खुलासा हुआ था कि गो फर्स्ट को खरीदने की होड़ में स्पाइसजेट, शारजाह की स्काई वन कंपनी और अफ्रीका की सैफ्रिक इन्वेस्टमेंट्स शामिल हैं।

NCLT ने गो फर्स्ट के इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस को 60 दिनों के लिए आगे बढ़ाया है और यह विस्तार दूसरी बार मिला है। इससे पहले 23 नवंबर 2023 को NCLT ने 90 दिनों के लिए इसकी डेट बढ़ाई थी, जो 4 फरवरी को पूरी हो गई थी। अब 60 दिनों की जो डेडलाइन बढ़ी है, उसकी गिनती 4 फरवरी से होगी।

NCLT की ओर से यह विस्तार आखिरी बार है, क्योंकि CIRP को 330 दिनों के भीतर पूरा हो जाना है। अगर एविएशन कंपनी 330 दिनों के भीतर कोई खरीदार नहीं तलाश पाती है, तो यह लिक्विडेट हो सकती है।

गो फर्स्ट मई 2023 में NCLT पहुंची थी
नकदी संकट से जूझ रही एयरलाइन गो फर्स्ट पिछले साल 2 मई 2023 को सेक्शन 10 के तहत कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूश प्रोसेस के लिए NCLT के पास पहुंची थी। 10 मई 2023 को NCLT ने गो फर्स्ट की याचिका स्वीकार कर ली और कंपनी से जुड़े मामलों के लिए एक रिजॉल्यूशल प्रोफेशनल बनाया।

हालांकि, गो फर्स्ट को विमान लीज पर देने वालों ने NCLT के आदेश के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLAT) में याचिका दायर कर दी थी। उनका कहना था कि उनकी संपत्तियों को उनसे लिया जाना गलत है, क्योंकि मोरेटोरियम से पहले ही लीज खत्म हो चुकी थी।

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने विमानन पट्टों (एविएशन लीजेज) को मोरेटोरियम से छूट देने का नोटिफिकेशन जारी किया था। इसके साथ ही बेंच में बदलाव के कारण मामला टल गया था। हालांकि, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक हलफनामा दायर कर स्पष्ट किया था कि इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड 2016 के तहत विमानन पट्टों को स्थगन से छूट देने वाले नोटिफिकेशन पेंडिंग मामलों पर भी लागू होनी चाहिए।

एयरलाइन पर लेंडर्स का 6,521 करोड़ रुपए बकाया
गो फर्स्ट पर अपने लेंडर्स का 6,521 करोड़ रुपए बकाया है। एक्यूइट रेटिंग्स एंड रिसर्च ने 19 जनवरी की रिपोर्ट में कहा था कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का सबसे ज्यादा 1,987 करोड़ रुपए का एक्सपोजर था, इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा का 1,430 करोड़ रुपए, डॉयचे बैंक का 1,320 करोड़ रुपए और IDBI बैंक का 58 करोड़ रुपए बकाया था।

3 मई से बंद है गो फर्स्ट एयरलाइंस की फ्लाइट्स
गो फर्स्ट एयरलाइंस ने 2 मई को बताया था कि वो 3, 4 और 5 मई के लिए अपनी सभी फ्लाइट कैंसिल कर रही है। इसके बाद से गो फर्स्ट लगातार फ्लाइट्स सस्पेंड करने की डेट आगे बढ़ा रही थी।

इंजन सप्लाई नहीं होने से बंद करने पड़े ऑपरेशन
एयरलाइन का दावा है कि वो इंजनों की सप्लाई नहीं होने से उसे अपने ऑपरेशन बंद करने पड़े हैं। अमेरिका के एयरक्राफ्ट इंजन मैन्युफैक्चरर प्रैट एंड व्हिटनी (PW) को गो फर्स्ट को इंजन की सप्लाई करनी थी, लेकिन उसने समय पर इसकी सप्लाई नहीं की। ऐसे में गो फर्स्ट को अपनी फ्लीट के आधे से ज्यादा एयरक्राफ्ट ग्राउंडेड करने पड़े। इससे उसे भारी नुकसान हुआ।

फ्लाइट नहीं उड़ने के कारण उसके पास कैश की कमी हो गई और फ्यूल भरने के लिए भी पैसे नहीं बचे। एयरलाइन के A20 नियो एयरक्राफ्ट में इन इंजनों का इस्तेमाल होता है। एयरलाइन के CEO कौशिक खोना का दावा है कि इंजन की खराबी से कंपनी को बीते तीन साल में 1.1 बिलियन डॉलर यानी करीब 8.9 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

2005 में मुंबई से अहमदाबाद के लिए उड़ी थी पहली फ्लाइट
गो फर्स्ट वाडिया ग्रुप की बजट एयरलाइन है। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार 29 अप्रैल 2004 को गो फर्स्ट की शुरुआत हुई थी। नवंबर 2005 में मुंबई से अहमदाबाद के लिए पहली फ्लाइट ऑपरेट की। एयरलाइन के बेड़े में 59 विमान शामिल हैं।

इनमें से 54 विमान A320 NEO और 5 विमान A320 CEO हैं। गो फर्स्ट 35 डेस्टिनेशन के लिए अपनी फ्लाइट ऑपरेट करता है। इसमें से 27 डोमेस्टिक और 8 इंटरनेशनल डेस्टिनेशन शामिल हैं। एयरलाइन ने साल 2021 में अपने ब्रांड नाम को गोएयर से बदलकर गो फर्स्ट कर दिया था।

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