अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अंशुल तलमले
Updated Thu, 08 Apr 2021 10:12 AM IST

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कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच आईपीएल को सफल बनाने के लिए ब्रॉडकॉस्टरों के बायो सिक्योर बबल को काफी लंबा और बेहद कड़ा बनाया गया है। पूरे आईपीएल में अगर क्रिकेटरों के सबसे नजदीक कोई रहेगा तो वह ब्रॉडकॉस्टर टीम होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरे टूर्नामेंट में ब्रॉडकॉस्टिंग टीम के 10 हजार से अधिक आरटीपीसीआर टेस्ट कराए जाएंगे। यही नहीं स्टार स्पोर्ट्स के सीईओ संजोग गुप्ता खुलासा करते हैं कि पूरे टूर्नामेंट में ब्रॉडकॉस्टर के एक साथ चार बायो बबल काम करेंगे। किसी को भी हल्का सा सर्दी, जुकाम होने पर भी उसे और उनके संपर्क में आने वालों को एकांतवास में डालने की व्यवस्था की गई है।

साढ़े सात सौ क्रू सदस्य हैं बायो बबल में
संजोग गुप्ता के मुताबिक क्रिकेटरों को छोड़ दें तो साढ़े सात सौ ब्रॉडकॉस्टिंग क्रू सदस्य और कमेंटेटर बायो बबल में इस वक्त हैं। आईपीएल के पहले  चरण में चार बायो बबल एक साथ चल रहे हैं। एक चेन्नई में और तीन मुंबई में। चेन्नई, मुंबई के मैचों के बाद अहमदाबाद, दिल्ली इसमें शामिल होंगे। लेकिन मुंबई में दो बबल पूरे टूर्नामेंट चलते रहेंगे। बायो बबल में घुसने से पहले कोविड रिपोर्ट निगेटिव होनी चाहिए। इसके बाद सभी को होटल में सात दिन एकांतवास में रखा गया। यहां सभी के तीन आरटीपीसीआर होंगे। इसके बाद आप बायो बबल में घुसने की अनुमति होगी। सभी के लिए कलर जोन निर्धारित किए गए हैं। जिसके लिए जिस रंग का जोन निर्धारित है वह सिर्फ उसी में रह सकता है। जिससे लोगों का आपस में कम संपर्क हो। अगर बीमारी फैले भी तो ज्यादा लोगों में नहीं फैले। दिन में दो बार उपकरणों का सेनिटाइजेशन किया जा रहा है और हर तीसरे दिन टेस्ट हो रहे हैं। 

क्रिकेटरों से भी लंबा है ब्रॉडकॉस्टर बायो बबल
संजोग बताते हैं कि आईपीएल में 53 दिन मैच होते हैं, उससे 15 दिन पहले क्रू सदस्य को बुला लिया गया है। तकरीबन 70 से 90 दिन क्रू सदस्य बायो बबल में रहेंगे। जो कि क्रिकेटर से ज्यादा है। एक क्रिकेटर 60 से 65 दिन बायो बबल में रहता है। क्रिकेटर 14 मैच खेलते हैं और क्रू सदस्य एक दिन छोड़कर काम करते हैं। उन पर काम का भार ज्यादा है। ब्रॉडकॉस्टिंग का पूरा कार्यक्रम बेहद जटिल है। स्टार के बायो बबल में सात सौ साढ़े सौ लोग रहते हैं जबकि बीसीसीआई के बायो बबल में सौ से डेढ़ सौ लोग रहते हैं। आयोजन स्थलों पर बायो बबल बीसीसीआई और स्टार मिलकर बनाते हैं। जो चेन्नई और मुंबई में बायो बबल वेन्यू पर चल रहे हैं वह बीसीसीआई और स्टार ने मिलकर बनाए हैं। क्रू सदस्यों केलिए कुल चार बायो बबल एक साथ काम करते हैं। इनमें दो स्टार खुद बनाता है। सेंट्रल प्रोडक्शन मुंबई से होता है यहां नियमित बायो बबल रहेगा। बाकी सेंटरों के हिसाब से बदलते रहेंगे।

विस्तार

कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच आईपीएल को सफल बनाने के लिए ब्रॉडकॉस्टरों के बायो सिक्योर बबल को काफी लंबा और बेहद कड़ा बनाया गया है। पूरे आईपीएल में अगर क्रिकेटरों के सबसे नजदीक कोई रहेगा तो वह ब्रॉडकॉस्टर टीम होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरे टूर्नामेंट में ब्रॉडकॉस्टिंग टीम के 10 हजार से अधिक आरटीपीसीआर टेस्ट कराए जाएंगे। यही नहीं स्टार स्पोर्ट्स के सीईओ संजोग गुप्ता खुलासा करते हैं कि पूरे टूर्नामेंट में ब्रॉडकॉस्टर के एक साथ चार बायो बबल काम करेंगे। किसी को भी हल्का सा सर्दी, जुकाम होने पर भी उसे और उनके संपर्क में आने वालों को एकांतवास में डालने की व्यवस्था की गई है।

साढ़े सात सौ क्रू सदस्य हैं बायो बबल में

संजोग गुप्ता के मुताबिक क्रिकेटरों को छोड़ दें तो साढ़े सात सौ ब्रॉडकॉस्टिंग क्रू सदस्य और कमेंटेटर बायो बबल में इस वक्त हैं। आईपीएल के पहले  चरण में चार बायो बबल एक साथ चल रहे हैं। एक चेन्नई में और तीन मुंबई में। चेन्नई, मुंबई के मैचों के बाद अहमदाबाद, दिल्ली इसमें शामिल होंगे। लेकिन मुंबई में दो बबल पूरे टूर्नामेंट चलते रहेंगे। बायो बबल में घुसने से पहले कोविड रिपोर्ट निगेटिव होनी चाहिए। इसके बाद सभी को होटल में सात दिन एकांतवास में रखा गया। यहां सभी के तीन आरटीपीसीआर होंगे। इसके बाद आप बायो बबल में घुसने की अनुमति होगी। सभी के लिए कलर जोन निर्धारित किए गए हैं। जिसके लिए जिस रंग का जोन निर्धारित है वह सिर्फ उसी में रह सकता है। जिससे लोगों का आपस में कम संपर्क हो। अगर बीमारी फैले भी तो ज्यादा लोगों में नहीं फैले। दिन में दो बार उपकरणों का सेनिटाइजेशन किया जा रहा है और हर तीसरे दिन टेस्ट हो रहे हैं। 

क्रिकेटरों से भी लंबा है ब्रॉडकॉस्टर बायो बबल

संजोग बताते हैं कि आईपीएल में 53 दिन मैच होते हैं, उससे 15 दिन पहले क्रू सदस्य को बुला लिया गया है। तकरीबन 70 से 90 दिन क्रू सदस्य बायो बबल में रहेंगे। जो कि क्रिकेटर से ज्यादा है। एक क्रिकेटर 60 से 65 दिन बायो बबल में रहता है। क्रिकेटर 14 मैच खेलते हैं और क्रू सदस्य एक दिन छोड़कर काम करते हैं। उन पर काम का भार ज्यादा है। ब्रॉडकॉस्टिंग का पूरा कार्यक्रम बेहद जटिल है। स्टार के बायो बबल में सात सौ साढ़े सौ लोग रहते हैं जबकि बीसीसीआई के बायो बबल में सौ से डेढ़ सौ लोग रहते हैं। आयोजन स्थलों पर बायो बबल बीसीसीआई और स्टार मिलकर बनाते हैं। जो चेन्नई और मुंबई में बायो बबल वेन्यू पर चल रहे हैं वह बीसीसीआई और स्टार ने मिलकर बनाए हैं। क्रू सदस्यों केलिए कुल चार बायो बबल एक साथ काम करते हैं। इनमें दो स्टार खुद बनाता है। सेंट्रल प्रोडक्शन मुंबई से होता है यहां नियमित बायो बबल रहेगा। बाकी सेंटरों के हिसाब से बदलते रहेंगे।

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