हिंदी

अमेरिका ने प्रवासी वीजा की प्रीमियम प्रोसेसिंग फीस 75 फीसदी तक बढ़ाई, कल से लागू हो जाएंगी नई दरें

नई दिल्ली32 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

वीजा की प्रीमियम प्रोसेसिंग फीस में बढ़ोतरी से भारत की आईटी कंपनियों की शॉर्ट टर्म अवधि में लागत बढ़ेगी।

  • प्रीमियम प्रोसेसिंग के लिए अब 2500 डॉलर का भुगतान करना होगा
  • वीजा आवेदन पर जल्द फैसले के लिए दी जाती है प्रीमियम फीस

अमेरिका ने प्रवासी वीजा की प्रीमियम प्रोसेसिंग के लिए ली जाने वाली फीस में 75 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसका असर एच-1बी वीजा और इनके परिवार वालों के वीजा आवेदनों पर पड़ेगा। यूएस सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईसी) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, 19 अक्टूबर से नई दरें लागू हो जाएंगी।

अब इतनी फीस देनी होगी

बयान के मुताबिक, अब प्रीमियम प्रोसेसिंग के लिए 1440 डॉलर के बजाए 2500 डॉलर का भुगतान करना होगा। एच2बी और आर1 को छोड़कर अन्य सभी प्रकार के वीजा आवेदनों की प्रीमियम प्रोसेसिंग पर यह फीस देनी होगी। वहीं, एच2बी और आर1 वीजा आवेदनों की प्रोसेसिंग फीस बढ़ोतरी के बाद 1500 डॉलर हो गई है।

क्या होती है प्रीमियम प्रोसेसिंग फीस

वीजा आवेदनों पर जल्द फैसले के लिए प्रीमियम प्रोसेसिंग फीस का भुगतान किया जाता है। यदि प्रीमियम फीस का भुगतान ना किया जाए तो वीजा आवेदन पर फैसले में महीनों का समय लगता है। यह भारतीय रेलवे के तत्काल रेल टिकट जैसा सिस्टम है।

भारत की आईटी कंपनियों की लागत बढ़ेगा

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत की आईटी कंपनियां अमेरिका में हायरिंग बढ़ा रही हैं। प्रीमियम प्रोसेसिंग फीस में बढ़ोतरी से इन आईटी कंपनियों की शॉर्ट टर्म अवधि में लागत बढ़ेगी। इसके अलावा वीजा संबंधी मुद्दों में भी बढ़ोतरी होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker