योगी नहीं, मोदी हैं यूपी चुनाव का चेहरा: 30 दिन में 9 यूपी दौरे; योगी से ज्यादा पोस्टरों में मोदी छाए रहे

उत्तर प्रदेशएक दिन पहलेलेखक: अभिषेक जय मिश्र

यूपी चुनाव का सबसे बड़ा चेहरा पीएम नरेंद्र मोदी हैं। बीते 30 दिनों में 9 बड़ी जनसभाएं करके अरबों की सौगात यूपी को दे चुके हैं। आने वाले 8 दिन भी पीएम मोदी यूपी में बिताने वाले हैं। अगड़ों और पिछड़ों के बीच तब्दील हो चुके यूपी चुनाव में बीजेपी की ये नई स्ट्रेटजी है। बड़ी वजह ये भी है कि मोदी खुद पिछड़े वर्ग से आते हैं।

जातिगत चुनावी समीकरणों में भी मोदी को प्रोजेक्ट करना फिट बैठता है। क्योंकि, 12% ब्राह्मण वोटर्स की नाराजगी योगी सरकार से हैं, लेकिन पीएम मोदी से नहीं।

सीएम हैं योगी, लेकिन भीड़ देखने आ रही मोदी

भाजपा की रैलियों के पोस्टरों में भी सिर्फ पीएम मोदी छाए हैं।

भले ही चुनाव सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम पर लड़ा जा रहा है। लेकिन जनसभाओं में पीएम मोदी भीड़ जुटा रहे हैं। लाखों लोग सिर्फ उन्हें देखने और सुनने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। ये साबित करते हैं रैलियों के जनसभा स्थल पर लगे पोस्टर और नारे।

झांसी में बुंदेली तो सुल्तानपुर में अवधी बोले थे मोदी
मोदी भी मंच पर मौजूद रहने वाले सीएम योगी के लॉ एंड ऑर्डर की तारीफ करना नहीं भूलते हैं। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिम यूपी में विकास का मोदी-विजन उन्होंने लोगों के सामने रखा। झांसी में बुंदेली तो सुल्तानपुर में अवधी-भोजपुरी में अपनी बात रखी।

अभी 28 दिसंबर तक काशी, प्रयागराज और कानपुर में मोदी यूपी में ही चुनावी सभाएं करने वाले हैं। अब अगर सीएम योगी की ऐसी जनसभाओं की बात करें, जो उन्होंने अपने दम पर की है। तो पिछले एक महीने में सीएम योगी ने यूपी के 7 शहरों में बड़ी जनसभाएं की हैं।

पीएम ने डिफेंस कॉरिडोर से लेकर काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर यूपी को दिए

16 नवंबर : सुल्तानपुर में 341 किमी. लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया।
19 नवंबर : बुंदेलखंड दौरे में महोबा में अर्जुन बांध परियोजना का उद्घाटन किया।
19 नवंबर : झांसी में डिफेंस कॉरिडोर देश को सौंपा। झांसी के जरिए बुंदेलखंड को सौगात दी।
20 नवंबर : लखनऊ में डीजीपी-आईजी सम्मेलन में शामिल हुए। दो दिन लखनऊ में रहे।
25 नवंबर : जेवर में जनसभा संबोधित की। जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास किया।
7 दिसंबर : गोरखपुर के एम्स के अलावा एक बड़े फर्टिलाइजर प्लांट का लोकार्पण किया।
11 दिसंबर : बलरामपुर में 9,600 करोड़ के सरयू कैनाल प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया।
14 दिसंबर : वाराणसी में 800 करोड़ के काशी विश्वनाथधाम कॉरिडोर का लोकार्पण किया।
18 दिसंबर : शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस-वे की आधारशिला रखी।

अभी 8 दिन में प्रयागराज, काशी और कानपुर में रहेंगे मोदी

पीएम मोदी जब यूपी में होते है, तो लोगों का अभिनंदन करने और उनके करीब जाने से नहीं चूकते हैं।

पीएम मोदी जब यूपी में होते है, तो लोगों का अभिनंदन करने और उनके करीब जाने से नहीं चूकते हैं।

  • 21 दिसंबर को प्रयागराज में सहायता समूह की महिलाओं को संबोधित करेंगे। सभी के खाते में अनुदान एवं मानदेय की राशि ट्रांसफर करेंगे। परेड मैदान में 2 लाख से अधिक महिलाओं को संबोधित करेंगे।
  • 23 दिसंबर को फिर काशी में पीएम की जनसभा होनी है। इस दौरान वह 1500 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात देंगे।
  • 28 दिसंबर को कानपुर IIT के दीक्षांत समारोह में आएंगे। फिर निराला नगर रेलवे मैदान में लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में रहेंगे।

योगी कैबिनेट मोदी को बताए चेहरा, RSS कहे योगी है..
बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य स्वामी प्रसाद मौर्य पीएम मोदी को यूपी का चेहरा बता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि 2014, 2017 और 2019 में मोदी ही चुनाव का चेहरा थे। आगे भी मोदी ही होंगे। अभी तक मोदी के नाम पर चुनाव जीतते रहे हैं। आगे भी उन्हीं का नाम और काम चलेगा।

वहीं RSS की 6 महीने पहले दिल्ली में बैठक हुई। इसमें यूपी विधानसभा चुनाव सीएम योगी के नेतृत्व में लड़ने का फैसला हुआ था। सर संघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले की मौजूदगी में ये निर्णय लिए गए। उस वक्त यूपी समेत 5 राज्यों के चुनाव में पीएम को चेहरा नहीं बनाने के लिए कहा गया था।

इस बैठक में पश्चिम बंगाल के चुनावों को लेकर समीक्षा की गई। संघ नेताओं का मानना था कि पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में ममता बनाम मोदी की रणनीति से नुकसान हुआ।

कुछ और फैक्टर भी जानिए, क्यों पीएम हो रहे प्रोजेक्ट

  • 2018 के गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में सीएम योगी ने अपने करीबी को भाजपा से टिकट दिलवाकर चुनाव लड़वाया था। वह चुनाव हार गए थे। इससे योगी की बहुत किरकिरी हुई थी।
  • 2017 में पूर्वांचल के 26 जिलों की 156 विधानसभा में से 106 सीटों पर बीजेपी को जीत मिली थी। निजी चैनल के सर्वे में बीजेपी को 61-65, सपा को 51-55 और बसपा को 4-8 सीटें दी गई हैं
  • अखिलेश यादव का सुभासपा, महान दल, अपना दल (कृष्णा पटेल), जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) जैसे छोटे दलों का गठबंधन।

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