3 मिनट पहलेलेखक: ईफत कुरैशी

आज शाहरुख खान की मोट्स अवेटेड फिल्म पठान रिलीज हुई है। फिल्म को लेकर फैंस में भारी क्रेज देखा जा रहा है। एडवांस बुकिंग के मामले में भी पठान ने KGF-2 के 5 लाख टिकट बुकिंग के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। वहीं, दूसरी तरफ फिल्म का विरोध भी जारी है। दैनिक भास्कर के मूवी रिव्यू में पठान में पढ़िए फिल्म कैसी है, कहानी से लेकर स्टार्स की एक्टिंग तक क्या-क्या खूबियां या खामियां है। 6 पाइंट्स में पढ़ें पूरा फिल्म रिव्यू…

  • फिल्म – पठान
  • समय- 146 मिनट
  • डायरेक्टर- सिद्धार्थ आनंद
  • कास्ट- शाहरुख खान, जॉन अब्राहम, दीपिका पादुकोण, डिंपल कपाड़िया, आशुतोष राणा

कैसी है फिल्म की स्टोरी?

फिल्म की कहानी है एक एक्स भारतीय एजेंट जिम की जिसके परिवार को उसी के सामने इसलिए मार दिया गया क्योंकि भारत ने उन्हें छुड़ाने के मुआवजा नहीं दिया। जिम को मरा हुआ समझकर भारत सरकार ने उसे वीर पुरस्कार दिया, लेकिन जिम बच गया। कुछ समय बाद जिम ने भारत से अपने परिवार की मौत का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के साथ हाथ मिलाया और एक बायोलॉजिकल हथियार बनाया।

जिम को रोकने के लिए भारत की तरफ से पठान और उसकी टीम तैयार की गई है। मिशन के दौरान पठान की मुलाकात डॉक्टर रुबीना खान से होती है जो पठान का मिशन और मुश्किल कर देती हैं। अब पठान कैसे ताकतवर जिम को रोकेगा, या रोक पाएगा भी या नहीं, ये फिल्म की कहानी है?

स्टार्स की एक्टिंगः एक्टिंग में शाहरुख ने इंप्रेस किया, दीपिका की स्क्रीन प्रजेंस अच्छी

शाहरुख खान पठान के रोल में अच्छे लगे हैं। एक्टिंग में उनका कोई तोड़ नहीं है। एक्शन सीन से भी शाहरुख इंप्रेस कर रहे हैं। दीपिका पादुकोण की स्क्रीन प्रेजेंस अच्छी है, लेकिन उनके खाते में अच्छे डायलॉग्स नहीं आए हैं। वैसे तो उन्हें पाकिस्तानी डॉक्टर से ISI एजेंट बनने का किरदार दिया गया है, लेकिन जिस बोल्डनेस से वो नजर आईं हैं, उसमें पाकिस्तानी टच नहीं मिलता है। उनके पाकिस्तानी एक्सेंट में भी ध्यान नहीं दिया गया है।

डिंपल कपाड़िया और आशुतोष राणा ने सीनियर ऑफिसर्स के रोल में अच्छी परफॉर्मेंस दी है। यहां सबसे अच्छा रोल जॉन अब्राहम का है। इंटेंस लुक और दमदार डायलॉग के साथ बना जॉन का किरदार जब भी आया है शाहरुख पर भारी पड़ा है। इनका एक्शन शाहरुख को फेल करता है। फिल्म में जॉन की डायलॉग डिलीवरी कमाल है।

डायरेक्शनः बेहतरीन डायरेक्शन, स्क्रीनप्ले भी दमदार

डायरेक्शन की बात करें तो सिद्धार्थ आनंद के डायरेक्शन आउटस्टैंडिंग है। सभी सीन को बखूबी पेश किया गया है। स्क्रीनप्ले के लिहाज से फिल्म बेहतरीन बनी है, जिसमें नुक्स निकाल पाना मुश्किल है।

म्यूजिकः फिल्म का संगीत प्लस पाइंट

पठान का बैकग्राउंड म्यूजिक काफी फ्रेश है। किसी भी म्यूजिक को ओवरयूज नहीं किया गया है, जो इसका प्लस पॉइंट है। पठान के एंथम को भी कहीं-कहीं जगह ही इस्तेमाल किया गया है। हर सीन का नया म्यूजिक, हर सीन फ्रेश बनाता है।

VFX और स्पेशल इफैक्ट्स शानदार

एक्शन सीन में हाई लेवल VFX आपको सीट से हिलने नहीं देगा। कहीं भी आपको ऐसा नहीं लगेगा कि सीन नकली हैं, जो इसका प्लस पॉइंट है। एक्शन सीन काफी स्मूद हैं।

फाइनल वर्डिक्टः फिल्म देखें या नहीं?

फिल्म की कहानी बहुत तेजी से आगे बढ़ती है, लेकिन इससे राइटर हर किरदार की पिछली स्टोरी नहीं दिखा सके हैं। दीपिका के बचपन को चंद सेकेंड में समेट दिया गया है, इसके बाद आपको खुद उनकी कहानी समझनी होगी। पठान किरदार को थोड़ा डिटेल के साथ बनाया है, लेकिन उसमें भी राइटर गहराई तक नहीं गए है क्योंकि शाहरुख की एंट्री ही पिटते हुए होती है तो दर्शकों को तालियां बजाने का मौका नहीं मिलता।

जॉन के एंट्री सीन में की गई मेहनत साफ दिखती है। सलमान यहां चंद मिनट के कैमियो में नजर आए हैं, जो धीमी पड़ी फिल्म की रफ्तार को फिर तेज करते हैं। सलमान यहां टाइगर बनकर दोस्त पठान की मदद करते हैं और गुदगुदाते भी हैं। एक और यहां बात जो खलती है वो ये कि कहानी मिशन से शुरू होकर मिशन पर खत्म कर दी गई है। रोमांस की एक कमी है जो आपको महसूस होगी। पूरी फिल्म में सिर्फ एक गाना है वो है बेशरम रंग। इसके अलावा दूसरा गाना आपको फिल्म खत्म होने के बाद देखने को मिलेगा।

विलेन बने जॉन को कुछ ज्यादा ही ताकतवर बताया गया है, लेकिन आखिर में उसे यू हीं आसानी से गिरा दिया गया है। विलेन का बार-बार अपने प्लान और उसे रोकने का तरीका खुद बताना भी आपको अटपटा लग सकता है।

आप शाहरुख और दीपिका के डाय हार्ड फैन हैं तो आपको ये फिल्म जरूर देखनी चाहिए।

वीडियो में रिव्यू देखने के लिए ऊपर दी गई तस्वीर में क्लिक कर वीडियो देखें-



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