15 मिनट पहले

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पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) की इंडिपेंडेंट डायरेक्टर मंजू अग्रवाल ने बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। वन97 कम्यूनिकेशंस ने आज यानी सोमवार (12 फरवरी) को उनके इस्तीफे के खबर की पुष्टि की है।

पिछले हफ्ते मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि PPBL की बोर्ड मेंबर शिंजिनी कुमार और मंजू अग्रवाल बोर्ड से हट गई हैं। हालांकि कंपनी ने अभी शिंजिनी कुमार के इस्तीफे के बारे कुछ नहीं कहा है।

कंपनी ने कहा- काम या बिजनेस पर कोई असर नहीं होगा
वन97 कम्यूनिकेशंस ने फाइलिंग में कहा कि मंजू अग्रवाल ने व्यक्तिगत कारणों से 1 फरवरी को बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। इससे कंपनी के ऑपरेशन या बिजनेस पर कोई असर नहीं होगा।’

PPBL के बोर्ड में अब चार इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
मंजू के इस्तीफे के बाद PPBL के बोर्ड में अब चार इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रह गए हैं। अगर शिंजिनी कुमार के बोर्ड छोड़ने की जानकारी सही होती है तो बोर्ड में 3 मेंबर ही रह जाएंगे।

इनमें पंजाब एंड सिंध बैंक के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अरविंद कुमार जैन, एक्सेंचर के पूर्व MD पंकज वैश्य और DPIIT के पूर्व सेक्रेटरी रमेश अभिषेक शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अग्रवाल कंपनी के बोर्ड में मई 2021 से थीं।

SBI में डिप्टी MD पद से रिटायर हुईं थीं मंजू
मंजू अग्रवाल ने 34 साल तक SBI में कई पदों पर काम किया। वे डिप्टी MD पद से रिटायर हुईं थीं। वहीं, शिंजिनी कुमार पेटीएम पेमेंट्स बैंक से पहले सिटीबैंक, पीडब्ल्यूसी इंडिया और बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच में काम कर चुकी हैं।

पेटीएम पेमेंट्स बैंक की इंडिपेंडेंट डायरेक्टर शिंजिनी कुमार (बाएं) और मंजू अग्रवाल।

पेटीएम पेमेंट्स बैंक की इंडिपेंडेंट डायरेक्टर शिंजिनी कुमार (बाएं) और मंजू अग्रवाल।

पेटीएम का शेयर आज यानी सोमवार (12 जनवरी) को दोपहर 01:09 बजे 2.04% की बढ़त के साथ 428.40 रुपए पर कारोबार कर रहा है। बीते एक महीने में कंपनी के शेयर में 37.70% की गिरावट रही है।

पेटीएम का शेयर आज यानी सोमवार (12 जनवरी) को दोपहर 01:09 बजे 2.04% की बढ़त के साथ 428.40 रुपए पर कारोबार कर रहा है। बीते एक महीने में कंपनी के शेयर में 37.70% की गिरावट रही है।

पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर 31 जनवरी को RBI ने लगाई थी रोक
RBI ने 31 जनवरी को नियमों का लंबे समय तक अनुपालन न करने का हवाला देते हुए पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर बड़े बिजनेस रिस्ट्रिक्शंस यानी प्रतिबंध लगाए हैं। RBI को पेटीएम की KYC में बड़ी अनियमितताएं मिली थी, जिससे ग्राहक सीरियस रिस्क में आ गए थे।

पेटीएम ने लाखों ग्राहकों की KYC नहीं की थी। लाखों अकाउंट का पैन वैलिडेशन नहीं हुआ था। मल्टीपल कस्टमर्स के लिए सिंगल पैन का इस्तेमाल हो रहा था। कई मौकों पर RBI को बैंक की ओर से गलत जानकारी भी दी गई। आरबीआई को बड़ी संख्या में निष्क्रिय खाते भी मिले थे।

पेटीएम के खिलाफ RBI के आदेश की खास बातें:

  • 29 फरवरी के बाद पेटीएम पेमेंट बैंक के अकाउंट में पैसा जमा नहीं किया जा सकेगा। इस बैंक के जरिए वॉलेट, प्रीपेड सर्विसेज, फास्टैग और दूसरी सर्विसेज में पैसा नहीं डाला जा सकेगा। हालांकि इंटरेस्ट, कैशबैक और रिफंड कभी भी अकाउंट में क्रेडिट हो सकेगा।
  • इस बैंक के ग्राहकों के सेविंग अकाउंट, करंट अकाउंट, प्रीपेड उपकरण, फास्टैग, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड आदि में मौजूद पैसों के विड्रॉल या उपयोग पर किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं है। बैलेंस अवेलेबल होने तक इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।
  • दूसरे नंबर के पॉइंट में बताई गई सर्विसेज के अलावा 29 फरवरी 2024 के बाद कोई भी बैंकिंग सर्विस प्रोवाइड करने की अनुमति पेटीएम पेमेंट बैंक के पास नहीं होगी। UPI सुविधा भी 29 फरवरी के बाद नहीं दी जा सकेगी।
  • वन97 कम्युनिकेशंस और पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज के नोडल अकाउंट 29 फरवरी 2024 तक बंद होंगे। पाइपलाइन में मौजूद ट्रांजैक्शन और नोडल अकाउंट का सेटलमेंट 15 मार्च 2024 तक पूरा किया जाएगा। उसके बाद कोई और ट्रांजैक्शन की अनुमति नहीं होगी।

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RBI ने बताया पेटीएम पर एक्शन क्यों लिया: हमने वक्त दिया था, उन्होंने सुधार नहीं किया; परेशान यूजर्स को जवाब भी देंगे

पेटीएम के खिलाफ RBI के एक्शन के बाद RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा- पेटीएम को पर्याप्त समय दिया था, लेकिन उन्होंने सुधार नहीं किया। कोई संस्था नियमों से नहीं चले तो हमें एक्शन लेना ही होगा। हम एक जिम्मेदार नियामक हैं। पिछले कुछ दिनों में हमें लोगों के बहुत सारे सवाल मिले हैं। हमने उन्हें नोट कर लिया है। उसके आधार पर, हम अगले हफ्ते एक FAQ (सवाल-जवाब) जारी करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

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